जासं, मैनपुरी : बुखार से बिगड़े हालातों के बाद भले ही कागजों पर बेहतर व्यवस्थाओं का दावा किया जा रहा हो, लेकिन हकीकत में स्थिति दुरुस्त नहीं है। मरीजों की शिकायत के बाद सीएमओ ने इमरजेंसी में पहुंचकर स्थितियों का जायजा लिया। लापरवाही पर जिम्मेदारों को कड़ी फटकार लगाई है।

बेकाबू हुए बुखार में सीएचसी और पीएचसी पर उपचार नहीं मिलने की वजह से मरीज जिला अस्पताल की इमरजेंसी में ही पहुंच रहे हैं। यहां भी सीमित संसाधनों की वजह से अब असुविधा होने लगी है। हालांकि, प्रशासन द्वारा अतिरिक्त बिस्तरों के प्रबंध तो कराए गए हैं, लेकिन नाकाफी इंतजाम समस्या बढ़ा रहे हैं। पर्याप्त सुविधाएं न होने की वजह से मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। कई मरीजों द्वारा आपत्ति जताते हुए सीएमओ से इसकी शिकायत की थी।

गुरुवार की सुबह सीएमओ डा. पीपी सिंह इमरजेंसी पहुंचे। उन्होंने इमरजेंसी में मौजूद स्टाफ को फटकार लगाते हुए मरीजों की बेहतर देखभाल करने के निर्देश दिए। चिकित्सकों से कहा कि वे ड्यूटी पर मौजूद रहें। यदि दोबारा शिकायत मिलती है तो कार्रवाई कराई जाएगी। ड्यूटी से दूरी बनाते हैं सीएमओ के चिकित्सक

बुखार के प्रकोप को देखते हुए इमरजेंसी में तीनों शिफ्ट में दो-दो चिकित्सकों के साथ नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है। सीएमओ के स्तर से तैनात किए गए ज्यादातर चिकित्सक ड्यूटी पर आते ही नहीं हैं। वहीं फार्मासिस्ट और नर्सिंग स्टाफ भी लापरवाही बरतता है। इमरजेंसी में जिला अस्पताल के ही नर्सिंग स्टाफ को अतिरिक्त ड्यूटी करनी पड़ रही है। सीएमओ का कहना है कि औचक निरीक्षण के दौरान यदि ड्यूटी स्टाफ मौके पर नहीं मिलता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।

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