मैनपुरी (जागरण संवाददाता) । मंगलवार को दीवानी परिसर में हुए हंगामे के बाद बुधवार को पुलिस चौकन्नी रही। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए और दीवानी परिसर को छावनी बना दिया गया। पीएसी भी तैनात की गई। घटना को लेकर कोतवाली में कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है।

एलाऊ क्षेत्र के गांव म्योरा के योगेंद्र व मोहित दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट में जिला कारागार में निरुद्ध हैं। मंगलवार को दोनों को पेशी पर दीवानी लाया गया था। हवालात ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मी दोनों को कोर्ट ले गए। पेशी के बाद वापस लाते समय हवालात परिसर के घेरे में घुसते समय योगेंद्र की मां व भाई ने खाने का सामान दिया तो सिपाही ने भाई को थप्पड़ मार दिया। मां ने बचाने की कोशिश की तो उन्हें भी धक्का मारकर दिया। इस पर योगेंद्र व मोहित भड़क गए। दोनों पुलिस कर्मियों पर टूट पड़े। इसी बीच अन्य पुलिस कर्मियों ने दोनों की पिटाई कर दी। यह देखकर हवालात में बंद अन्य बंदी भड़क गए। उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया। बवाल की जानकारी पर भारी संख्या में पुलिस पहुंच गई। दोनों बंदियों ने सीओ सिटी के साथ भी धक्का-मुक्की की। अन्य बंदियों के परिजनों ने पथराव कर दिया। बमुश्किल हालात को संभाला जा सका था।

दूसरे दिन पुलिस सुबह से ही मुस्तैद थी। दीवानी हवालात पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। इसके साथ ही पूरे परिसर में पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था। अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पीएसी को लगाया गया। पुलिस अधिकारी हालात पर नजर बनाए रहे। इंस्पेक्टर एलओ कोतवाली विनोद कुमार दीवानी पर मौजूद रहे। हालांकि, किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। बंदी सामान्य तरीके से पेशी पर जाते रहे।

अपर पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश ¨सह ने बताया कि घटना को लेकर न्यायालय में कार्रवाई चल रही है। न्यायालय के निर्देश के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Jagran

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