जासं, मैनपुरी : ठेका प्रथा के खिलाफ अब एंबुलेंस कर्मियों ने मोर्चा खोल दिया है। चार एएलएस (एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम) एंबुलेंसों का संचालन बंद कर कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में ही धरना शुरू कर दिया है। चेतावनी दी है कि यदि सुनवाई न हुई तो 26 जुलाई से जिले की सभी 54 एंबुलेंसों का चक्का जाम कर दिया जाएगा।

जीवन दायिनी स्वास्थ्य विभाग एंबुलेंस कर्मचारी संगठन के कर्मचारियों द्वारा शनिवार को जिला अस्पताल परिसर में धरना दिया गया। संगठन के जिलाध्यक्ष विजय यादव का कहना है कि सरकार द्वारा एंबुलेंस सेवाओं को ठेका प्रथा में शामिल किया गया है। अब नई फर्म को संचालन की जिम्मेदारी दी गई है जो पांच वर्षों से तैनात सभी कर्मचारियों को बेरोजगार करने की साजिश रच रही है। लगातार सेवाएं देने के बावजूद हम लोगों की नौकरी को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई है।

ब्लाक अध्यक्ष राजेश गौतम का कहना है कि सरकार अपनी जिद पर अड़ी है तो हम लोग भी आंदोलन के जरिए अपना अधिकार लेकर रहेंगे। कोरोना संक्रमण के बीच हम लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों की जान बचाई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक मास्क तक उपलब्ध नहीं कराया गया है। सही समय पर हम लोगों को वेतन का भुगतान भी नहीं किया जाता है। कर्मचारियों द्वारा विरोध के दौरान जिले में संचालित होने वाली सभी चार एएलएस एंबुलेंसों के संचालन पर ब्रेक लगा दिया है। चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर ध्यान न दिया गया तो 26 जुलाई से पूरे जिले की एंबुलेंसों का चक्का जाम कर इमरजेंसी सेवाएं भी ठप कर दी जाएंगी।

विरोध प्रदर्शन के दौरान अनुज यादव, नवीन पाठक, रवींद्र कुमार, शिवरतन, रंजीत यादव, संजीत कुमार, राजेंद्र यादव, संजय चतुर्वेदी, रंजीत मिश्रा, धर्म सिंह, मोहित, शैलेंद्र, भूपेंद्र, विवेक आदि उपस्थित थे। ये है जिले की स्थिति

10 2एंबुलेंस - 30

108 एंबुलेंस - 20

एएलएस एंबुलेंस - चार

Edited By: Jagran