संसू, भोगांव: शरद पूर्णिमा पर बौद्ध तीर्थ स्थल संकिसा में हुए बवाल के बाद संकिसा से सटे गांव जसराजपुर राजघाट में पुलिस सक्रिय हो गई। आलाधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर बुद्ध महोत्सव में भाग लेने को संकिसा जाने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को रोक दिया। बौद्ध विहारों के आसपास भी पुलिस तैनात कर दी गई।

बुधवार सुबह फर्रुखाबाद जिले के संकिसा में बौद्ध अनुयायियों व अन्य लोगों के बीच किसी बात को लेकर टकराव के बाद बवाल हो गया। इसको लेकर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। संकिसा से सटे गांव जसराजपुर राजघाट में बने बौद्ध विहारों के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। संकिसा में आयोजित बौद्ध महोत्सव में भाग लेने जाने वाले वाहनों को भैंसरोली चौराहे पर पुलिस ने बैरियर लगाकर रोक दिया। पुलिस अधिकारियों ने ज्यादातर बौद्ध मंदिरों व विहारों में जाकर लोगों को संकिसा न जाने की सलाह दी। काली नदी के पुल पर फर्रुखाबाद जिले की सीमा पर एसडीएम प्रेमप्रकाश, सीओ अमर बहादुर, इंस्पेक्टर रवींद्र बहादुर सिंह ने वाहनों को रुकवाया। जिले के लोगों को फर्रुखाबाद से सुरक्षित निकालने में भी अधिकारी जुटे रहे। बाद में अधिकारियों ने बौद्ध विहारों के संचालकों व स्थानीय भिक्षुओं से संवाद कर लोगों को रोकने के लिए अपील की। सीओ अमर बहादुर ने बताया कि फर्रुखाबाद प्रशासन के निर्देश पर एहतियातन वाहनों को रोका गया था। संकिसा बवाल में जिले के कई वाहन क्षतिग्रस्त

संकिसा में हुए बवाल में जिले के कई लोगों के वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। इस घटना के बाद तमाम श्रद्धालुओं ने संकिसा जाने का कार्यक्रम ही निरस्त कर दिया। तमाम श्रद्धालुओं ने जिले के सीमावर्ती स्थित शाक्य मुनि बुद्ध विहार, कंबोडियन मंदिर, वाईबीएस सेंटर स्थित अशोक गज स्तंभ, अशोकाराम बौद्ध विहार, म्यांमार के बौद्ध विहार में जाकर शरद पूर्णिमा पर भगवान बुद्ध को नमन किया।

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