मैनपुरी, अजीतगंज : सूखे तालाबों को पानी से सींचने की दैनिक जागरण की पहल अब गांव-गांव रंग ला रही है। विकास खंड जागीर के लोहिया गांव बघिरुआ में शुक्रवार को तालाब की खोदाई शुरू करा दी गई। पांच बीघा के इस तालाब को खोदने के लिए मनरेगा श्रमिकों के साथ ग्रामीणों ने भी कुदाल उठा ली। जल्द ही तालाब की खोदाई कर नहर के पानी से उसे लबालब किया जाएगा।

बघिरुआ गांव में पांच बीघा का तालाब है। बघिरुआ में 11 मजरे लगते हैं। गांव की आबादी करीब 12 हजार है। इतनी बड़ी आबादी के बीच एक तालाब है लेकिन वह भी काफी दिनों से सूखा है। धीरे-धीरे तालाब समतल हो गया है। तालाब सूखा होने के कारण हैंडपंप भी जवाब देने लगे हैं। कई हैंडपंपों ने पानी देना ही छोड़ दिया। गांव का लगातार गिर रहा जलस्तर भी ग्रामीणों की ¨चता का कारण है। जागरण के अभियान तलाश तालाबों की को लेकर ग्रामीणों में भी जागरुकता आई है।

ग्राम प्रधान पंकज यादव ने इस तालाब की शुक्रवार से खोदाई शुरू करा दी। मनरेगा से 30 मजदूरों ने काम शुरू कर दिया, तो तालाब खोदे जाने से उत्साहित कुछ अन्य ग्रामीणों ने भी कुदाल उठाकर खोदाई शुरू कर दी। तीन से चार दिन में तालाब की खोदाई पूरी कर ली जाएगी।

ग्राम प्रधान कहते हैं कि तालाब में पानी होगा को भूजलस्तर भी सुधर जाएगा। इससे निश्चित ही साथ छोड़ रहे गांव के हैंडपंपों को नई संजीवनी मिलेगी। वह कहते हैं कि ग्रामीण जल स्तर गिरने को लेकर काफी ¨चतित हैं। जागरण की ये पहल काफी सराहनीय है। इससे प्रेरित होकर बारिश से पहले ही तालाब की खोदाई गांव में शुरू करा दी गई है। तालाब की खोदाई पूरी होने के बाद हजारा नहर से उसमें पानी भरा जाएगा।

क्या कहते हैं ग्रामीण

तालाब खोदे जाने से गांव का जलस्तर काफी सुधर जाएगा। इससे हैंडपंपों में नई जान आ जाएगी। गांव के कई हैंडपंप पानी छोड़ चुके हैं। वह पानी देने लगेंगे।

रामकिशन, ग्रामीण।

तालाब की सफाई बेहद जरूरी है। जागरण का ये प्रयास बेहद सराहनीय है। इससे निश्चित ही गांव के जलस्तर में काफी सुधार आएगा।

सुभाष चंद्र, ग्रामीण।

ग्रामीण गांव के गिरते जलस्तर को लेकर काफी ¨चतित हैं। कई हैंडपंपों ने काम करना बंद कर दिया है। तालाब की खोदाई में हम ग्रामीण भी मिलकर प्रयास करेंगे कि उसे जल्द से जल्द भरा जा सके।

ईश्वर चंद्र, ग्रामीण।

तालाब खोदने का अभियान प्रशंसनीय है। ये पुण्य का काम है। तालाब की खोदाई में ग्रामीण भी हिस्सा ले रहे हैं। गांव के लोगों को इससे रोजगार भी मिल रहा है और गांव का जलस्तर भी सुधरेगा।

सुघर ¨सह, ग्रामीण।