मैनपुरी, जागरण संवाददाता। इसे सिस्टम की अदूरदर्शिता ही कहेंगे। जिले में 108 एंबुलेंस सेवा मंगलवार को दूसरे दिन भी पटरी पर नहीं लौटी। रोगियों को बार-बार फोन करने पर निराशा ही हाथ लगी। लेकिन जिले के हुक्मरानों ने इसकी सुध नहीं ली। एंबुलेंस सेवा के जिला प्रभारी भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। लिहाजा कई मरीजों को तीमारदार प्राइवेट एंबुलेंसों की मदद से अस्पतालों तक ले गए।

एलाऊ थाना क्षेत्र के गांव नगला सड़क निवासी रिचा (15) पुत्री दलवीर सिंह को बुखार से गैसपिग की हालत में इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। हालत में सुधार न होने पर उसे सैफई रेफर किया गया। परिजनों ने 108 एंबुलेंस के लिए फोन किया, लेकिन काफी देर तक एंबुलेंस उपलब्ध ही नहीं हो सकी। दो दिनों से इमरजेंसी में ड्यूटी कर रहीं डॉ. आकांक्षा सिंह का कहना है कि सोमवार और मंगलवार सुबह आठ से दोपहर दो बजे के बीच समय पर एंबुलेंस सेवा नहीं मिल सकी है। कई-कई बार मरीजों को फोन करना पड़ता है। थककर तीमारदार अपने साधनों से ही मरीजों को ले गए। रिसीव होने के बाद कटती है कॉल

मरीजों के परिजनों ने बताया कि, एंबुलेंस के लिए कॉल की तो वह कंट्रोल रूम पर रिसीव होती है। संबंधित व्यक्ति पूरा नाम व पता आदि जानकारी करने के बाद डॉक्टर से भी बात करते हैं। बाद में फिलहाल एंबुलेंस उपलब्ध न होने की बात कहकर फोन कट जाता है। जिले में उपलब्ध एंबुलेंस लगातार मरीजों को ले जा रही हैं। हो सकता है जिस वक्त फोन किया जाता हो, उस वक्त संबंधित क्षेत्र के आसपास कोई एंबुलेंस उपलब्ध न हो। यदि ऐसा है तो इस संबंध में कंट्रोल रूम से भी संपर्क किया जाएगा।

सौरभ शर्मा, जिला प्रभारी 108 एंबुलेंस सेवा।

Posted By: Jagran

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