यमुना एक्सप्रेसवे बस अग्निकांड: महोबा भाजपा जिला कोषाध्यक्ष की पत्नी और बेटा लापता, नहीं हो पा रहा संपर्क
यमुना एक्सप्रेसवे पर एक निजी स्लीपर बस में आग लगने के बाद से महोबा के भाजपा जिला कोषाध्यक्ष नीरज गुप्ता ...और पढ़ें

यमुना एक्सप्रेसवे बस अग्निकांड।

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, महोबा। यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात निजी कंपनी की स्लीपर बस में आग लगने से 9 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। बस दिल्ली से महोबा जा रही थी।
यमुना एक्सप्रेसवे पर जिस बस में आग लगी, उसमें महोबा के भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष नीरज गुप्ता की 50 वर्षीय पत्नी सुनीता और 25 साल का बेटा शशांक भी सवार थे।
जानकारी के मुताबिक, हादसे के बाद से इन दोनों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। नीरज गुप्ता ने बताया कि बुधवार रात करीब साढ़े 10 बजे पत्नी से फोन पर आखिरी बार बात हुई थी। इसके बाद हादसे की खबर सामने आई, तभी से पत्नी और बेटे से संपर्क नहीं हो पा रहा है।

बताया कि बेटा शशांक दिल्ली में निजी कंपनी में इंजीनियर है। वह अपनी मां के साथ बस से महोबा आ रहा था, तभी हादसा हुआ।
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हमीरपुर जिले के भी तीन लोग लापता
इसी तरह हमीरपुर जिले के भी तीन लोगों के लापता होने की सूचना है। इसमें मुस्करा कस्बा निवासी 65 वर्षीय ऊषा पत्नी प्रेमनारायण, राठ कस्बा निवासी 55 वर्षीय सरोज गुप्ता और इनका 25 वर्षीय बेटा मयंक शामिल है।
ड्राइवर की सीट के पास लगी थी आग
देर रात बस अग्निकांड में 9 यात्रियों की जिंदा जलकर मौत हो गई। बस में 35 यात्री सवार थे। अन्य यात्रियों ने खिड़की से कूदकर अपनी जान बचाई। यात्री सुनील ने शिकायत में बताया कि रात 11.30 के आसपास ड्राइवर कैबिन की ओर से जलने जैसी बदबू आने लगी। कुछ यात्रियों ने ड्राइवर और कंडक्टर को इसकी जानकारी दी।
उस समय ड्राइवर और कंडक्टर आपस में हंस रहे थे और यात्रियों को धमका रहे थे कि मरना है तो मरो, बस नहीं रोकेंगे। सुनील के मुताबिक, कुछ ही समय बाद ड्राइवर की सीट के पास से अचानक तेज आग की लपटें निकलने लगीं। यात्रियों ने शोर मचाकर बस रोकने के लिए कहा।

इसी दौरान आग तेजी से बस में फैल गई और अंदर धुआं भर गया। बस रुकने के बाद सुनील और अन्य यात्रियों ने बाहर निकलने का प्रयास किया। सुनील समेत कई यात्री किसी तरह बस से बाहर निकल आए, लेकिन कुछ यात्री आग और धुएं के कारण बस के अंदर फंस गए।
