महोबा, जागरण संवाददाता। कबरई के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत और भ्रष्टाचार के मामले में आरोपित निलंबित आइपीएस पर बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे में कार्य कराने वाली संस्था के ट्रक चालकों से वसूली का आरोप लगा था। इसमें आरोपित पर मुकदमा भी दर्ज हैं। विजिलेंस टीम के समक्ष वादी पक्ष ने बयान में बताया कि आरोपित आइपीएस मणिलाल पाटीदार से तत्कालीन महोबा पुलिस लाइन में तैनात सिपाही राजकुमार कश्यप ने मुलाकात करा कर पहचान कराई थी। जांच टीम ने बताया कि अभी मामले में और भी पूछताछ होगी। जल्द ही राजकुमार कश्यप को भी नोटिस जारी कर बयान के लिए बुलाया जा सकता हैं। 

बीते 10-11 नवंबर को विजिलेंस ने भ्रष्टाचार मामले में वादी पक्ष से अमित के बयान लिए। अमित ने जांच टीम को बताया कि आरोपित आइपीएस मणिलाल से मिलाने के लिए उस समय महोबा पुलिस लाइन में तैनात सिपाही राजकुमार कश्यप ही अपने साथ उसे लेकर एसपी के बंगले पर गया था। वहीं पर प्रति ट्रक दो से तीन लाख रुपये वसूली की मांग हुई थी।

इसके बाद लगातार बढ़ते दबाव के कारण ही जून 2020 में आरोपित आइपीएस व अन्य सिपाहियों के खिलाफ शासन से शिकायत करते हुए मुकदमा महोबा सदर कोतवाली में दर्ज कराया था। विजिलेंस की ओर से विवेचक प्रदीप कुमार ने बताया कि अभी राजकुमार कश्यप को भी बयान के लिए बुलाया जाएगा। उसके लिए पहले उसे नोटिस भेजी जाएगी।

इस समय आरोपित सिपाही राजकुमार कश्यप बलिया पुलिस लाइन में तैनात है। वहीं इस मामले में अभी तक आरोपित बर्खास्त सिपाही अरुण यादव, सिपाही सूरज यादव व सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक सुरेंद्र नारायण, उपनिरीक्षक विजय कुमार द्विवेदी, उपनिरीक्षक सतीशचंद्र और निरीक्षक राकेश कुमार सरोज, भूपेंद्र सिंह, राजू सिंह व निलंबित आइपीएस मणिलाल पाटीदार के विरुद्ध भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया गया है। 

यह है मामला 

क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर 2020 को तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर छह लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए इंटरनेट मीडिया में वीडियो प्रसारित किया था। आठ सितंबर को गले में गोली लगने से वह अपनी कार में घायल मिले थे। 13 सितंबर को कानपुर में उनकी मौत हो गई थी।

मामले की जांच एसआईटी ने की थी। तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार, बर्खास्त दारोगा देवेंद्र शुक्ला, बर्खास्त सिपाही अरुण यादव, व्यापारी सुरेश सोनी और ब्रह्मदत्त पर आत्महत्या के लिए उकसाने और भ्रष्टाचार में दोषी पाए जाने पर मामला दर्ज हुआ था। निलंबित आइपीएस सहित पांचों आरोपित जेल में हैं।

Edited By: Abhishek Agnihotri

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