जागरण संवाददाता, महोबा : सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी के चलते ग्रामीण मजबूरन झोलाछाप का सहारा ले रहे हैं। झोलाछाप के गलत इलाज से एक किशोरी की हालत बिगड़ी और उसने झांसी में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। किशोरी के स्वजन ने कार्रवाई की मांग की है।

कोतवाली कुलपहाड़ के ग्राम पठारी कदीम निवासी 15 वर्षीय अंजना पुत्री जयहिद को कुछ दिन पहले बुखार हो गया। स्वजन गांव के ही एक झोलाछाप से उसका उपचार करा रहे थे। दवा खाने और इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बाद ही मरीज की हालत और बिगड़ने लगी। स्वजन उसे झांसी ले गए। वहां उपचार दौरान शनिवार को उसकी मौत हो गई। पिता जयहिद ने झोलाछाप पर गलत उपचार करने का आरोप लगाया है। उसने डीएम व सीएमओ को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। सीएमओ डा. एमके सिन्हा ने कहा कि इस मामले की जांच कराई जा रही है, जल्द ही उचित कार्रवाई होगी।

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