जागरण संवाददाता, महोबा: खाते में धनराशि आ जाने के बाद भी जिले के करीब 556 लाभार्थियों ने इज्जतघर का निर्माण नहीं कराया। पिछले दिनों सर्वे के दौरान इस कमी को पकड़ा गया। लगातार चेतावनी और नोटिस के बाद भी इसमें सुधार न होने पर अंतिम चेतावनी दी गई है। संबंधित गांव के ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी।

जिले की सभी पंचायतों में बीते 2020-21 में 5375 इज्जतघर बनाए जाने का लक्ष्य शासन की ओर से मिला था। ब्लाकवार लाभार्थियों के बैंक खातों में पहली किस्त का पैसा भी प्रति लाभार्थी छह हजार रुपये भेज दिया गया था। इस तरह करीब 33 लाख 36000 रुपये शासन के निर्देश पर सीधे पात्र के खातों में भेजा गया था। लेकिन इसमें से 556 ऐसे ग्रामीण थे जिन्होंने इज्जतघर तैयार ही नहीं कराया। पंचायतीराज विभाग की ओर से जब प्रत्येक गांव में सर्वे कराया गया तो इस तरह के पात्र सामने आए। अब ऐसे पात्रों से इज्जतघर के नाम पर भेजा गया रुपया वसूल किया जाएगा। वहीं इसमें लापरवाही बरतने वाले ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव के खिलाफ नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। इसके बाद इनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी।

पंचायतीराज अधिकारी संतोष कुमार ने कहा कि जिन पात्रों ने पैसा लेने के बाद भी इज्जतघर नहीं बनवाए उनसे रिकवरी के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित प्रधान और सचिव के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

Edited By: Jagran