जागरण संवाददाता, महोबा : यूरिया और डीएपी की किल्लत पूरे जिले में है। सहकारी समितियों में खाद की उपलब्धता न होने से इसका फायदा प्राइवेट दुकानदार उठा रहे हैं। कहीं 1200 की खाद 1300 तो कहीं 1400 रुपये में बिक रही है। इन पर कार्रवाई के नाम पर कृषि विभाग केवल नोटिस देकर खानापूर्ति कर रहा है। जैसे श्रीनगर और पनवाड़ी की एक-एक दुकान संचालक को नोटिस देकर अधिक दाम पर खाद न बेंचने के निर्देश दिए हैं। वहीं समितियों के सचिव भी किसानों को खाद उपलब्ध कराने के बजाय दलालों को खाद देने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं। मौजूदा समय में जिले की संचालित 42 समितियों में महोबा, कुलपहाड़, कबरई की समिति में कुछ खाद बची थी उसे बुधवार और गुरुवार को दोपहर बाद बांटा गया। जबकि अजनर, अकौना, जैतपुर सहित और कई समितियां तो ऐसी हैं जहां कई दिनों से खाद का वितरण ही नहीं हुआ। इसका परिणाम यह है कि किसान प्राइवेट दुकानों में खाद लेने पहुंच रहे हैं और दुकान संचालक की मनमानी का शिकार हो रहे हैं। श्रीनगर में डीएपी 1300 से भी अधिक दाम पर बिक रही है। यहां आए दिन किसान हंगामा करते रहते हैं। पनवाड़ी, कुलपहाड़, बेलाताल में भी अधिक दाम पर खाद मिलने की शिकायतें मिली हैं। जिला कृषि अधिकारी वीपी सिंह ने कहा कि जिले में 29 प्राइवेट दुकानें संचालित हैं। यहां पर निर्देश हैं कि 1200 रुपये प्रति बोरी के रेट से ही डीएपी बिक्री करें। श्रीनगर, पनवाड़ी में संचालित प्राइवेट दुकानदार को नोटिस दी गई है। अन्य दुकानों को भी चेतावनी दी है कि तय दाम से अधिक पर खाद बेंचते मिले तो कड़ी कार्रवाई होगी।

किसानों की पीड़ा कोई नहीं सुन रहा

जिले में पिछले 15 दिनों से खाद की किल्लत है। अकौना में तो पिछले सप्ताह सचिव कालाबाजारी करते भी मिला था। मुकदमा दर्ज करने के बाद जेल भेजा गया था। इसके बाद भी समितियों की दशा सुधरी नहीं है। वहीं हाल प्राइवेट लाइसेंस धारक दुकानदारों का है। पनवाड़ी, श्रीनगर, कुलपहाड़, कबरई, चरखारी, महोबा सदर क्षेत्र के दुकानदारों के खिलाफ लगातार शिकायत की गई हैं। पनवाड़ी के किसान गोटीराम, रामदयाल का कहना है कि प्राइवेट दुकानदार लूट रहे हैं और समितियों के सचिव खाद किसानों के बजाय उन्हीं दुकानदारों को बांट रहे हैं।

खाद की अगली रैक जल्द आने की उम्मीद है, जो खाद उपलब्ध थी उसे समितियों में भेज कर वितरण कराया जा रहा है।

- सदानंद त्यागी, इफको एरिया मैनेजर

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