जागरण संवाददाता, महोबा: मध्य प्रदेश में अच्छी बारिश से उत्तर प्रदेश के किसानों के चेहरे खिल गए हैं। कारण साफ है कि बारिश से दोनों प्रदेशों की सीमा पर बने उर्मिल बांध में पानी बढ़ गया है। ऐसे में किसानों को आस बंधी है कि इस साल रवि की फसल ¨सचाई के लिए पानी मिल सकेगा और उत्पाद बेहतर होगा।

मध्यप्रदेश के छतरपुर और उत्तर प्रदेश के महोबा की सरहद पर बने उर्मिल बांध निर्माण के समय ही दोनों राज्यों के बीच 60 और 40 के अनुपात में पानी विभाजन की सहमति बनी थी। यहीं से महोबा शहर, सिजहरी और श्रीनगर को पेयजल आपूर्ति भी की जाती है। 2016 में बांध में पर्याप्त पानी होने पर फाटक खोले गए और किसानों को ¨सचाई के लिए पानी मुहैया हो सका। 2017 में बरसात कम होने से बांध में बहुत कम पानी एकत्र हुआ, जिससे मध्यप्रदेश के किसानों को पलेवा के लिए नहरों से पानी दिया गया। वहीं, उत्तर प्रदेश के किसानों को पानी मुहैया नहीं हो सका और पेयजल आपूर्ति के लिए पानी बचा कर रखा गया था। जिससे किसानों को सूखे की मार सहनी पड़ी थी। इस सप्ताह अच्छी बारिश देख छतरपुर एवं महोबा के किसानों के चेहरों पर खुश नजर आ रही है।

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पिछले वर्ष सूखे के चलते दोनों जिलों को पानी न मिलने से किसानों को महानगरों की तरफ पलायन को मजबूर होना पड़ा था। इस साल हालात बेहतर नजर आ रहे हैं।

-महेन्द्र तिवारी, किसान, श्रीनगर

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इस वर्ष बरसात अच्छी दिखाई दे रही है। पिछले वर्ष बीस बीघा में पिपरमेंट लगाया था। कुओं व बोर में पानी न होने से फसल सूख गई थी, जिससे नुकसान सहना पड़ा था।

-देवी ¨सह उर्फ मुन्ना दाऊ, किसान, श्रीनगर

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उर्मिल बांध का गेज

पानी का लेवल (मी): 228.30

मौजूदा (मी) : 234

अधिकतम पानी (मी): 237.43

पानी की उपलब्धता (मी): 5.7

पानी (मिमी): 45.71

खाली (मी) : 3.43

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इस बार बरसात अच्छी हो रही है। अनुमान है कि इस साल बांध भर जाना चाहिए। उसके बाद हम किसानों को नहरों से ¨सचाई के लिए आसानी से पानी दे सकेंगे।

- दिग्विजय ¨सह, अधिशासी अभियंता, ¨सचाई खंड महोबा

Posted By: Jagran