महोबा में पत्नी के हत्यारे पति को उम्रकैद, पांच साल पहले साड़ी से गला दबाकर की थी हत्या
महोबा में 2020 में पत्नी की साड़ी से गला दबाकर हत्या करने के मामले में न्यायालय ने पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सूरज अनुरागी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके पिता राजू ने उसकी मां रामकुमारी की हत्या कर दी। न्यायालय ने राजू अनुरागी को दोषी पाया और सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास होगा।

जागरण संवाददाता, महोबा। वर्ष 2020 में पत्नी की साड़ी से गला दबाकर हत्या करने के मामले में न्यायालय ने पति को सश्रम आजीवन कारावास व 10 हजार जुर्माना की सजा सुनाई है।
जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता सुरेंद्र प्रताप सिंह राजपूत ने बताया कि कस्बा कुलपहाड़ के लोहियानगर वार्ड नं-5 के निवासी सूरज अनुरागी ने 18 मई 2020 को थाना कुलपहाड़ में तहरीर दी थी। जिसमें बताया था कि 16 मई की रात्रि करीब 11:25 बजे उसकी मां रामकुमारी अनुरागी घर में सो रही थी। उनके साथ ही छोटा भाई 7 वर्षीय संजय व पिता राजू भी उसी कमरे में सो रहे थे। जबकि 10 वर्षीय बहन चंदा व दादा अच्छेलाल दूसरे कमरे में सो रहे थे।
पिता ने छोटे भाई संजय को उसके कमरे में लिटा दिया। सूरज ने बताया कि वह बाथरूम करने के लिए उठा तो देखा कि कमरे का गेट बंद है। वह पीछे वाले दरवाजे से गया तो देखा कि दूसरे कमरे में मां जमीन पर पड़ी है और उनके गले में साड़ी लिपटी थी। उन्हें जगाया पर वह नहीं उठीं।
मां के हाथ में खून लगा था और पिता कमरे में नहीं थे। पिता ने मां को साड़ी से गला दबाकर मार डाला है। शोर मचाया तो अन्य लोग एकत्र हो गए और सूचना 108 एंबुलेंस को दी। मां को सीएचसी कुलपहाड़ ले जाया गया। यहां मां को मृत घोषित कर दिया गया। बताया कि उसके पिता का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है।
पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया और आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए। मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, एफटीसी सर्वोत्तमा नगेश शर्मा ने अपना फैसला सुनाया।
पैरवी कर रहे अधिवक्ता सुरेंद्र प्रताप सिंह राजपूत ने बताया कि अभियुक्त राजू अनुरागी को सश्रम आजीवन कारावास व 10 हजार के अर्थदंड से दंडित किया गया है। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।

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