महोबा, जागरण संवाददाता। उत्तर प्रदेश के महोबा में झांसी रेल रूट पर गुरुवार को बड़ा रेल हादसा टल गया। यहां कमालपुरा और सूपा के बीच गेटमैन के सो जाने पर क्रासिंग का फाटक खुला रह गया और प्रयागराज-झांसी पैसेंजर ट्रेन धड़धड़ाते हुए आ गई। ट्रेन के लोको पायलट की सूझबूझ से हादसा टल गया। 

झांसी-मानिकपुर रेलवे ट्रैक पर गुरुवार को पैसेंजर ट्रेन प्रयागराज से झांसी की ओर जा रही थी। ट्रेन अभी महोबा के कमालपुरा और सूपा के बीच गेट नंबर 420 के पास पहुंची थी। तभी ट्रेन के लोको पायलट की नजर क्रासिंग के फाटक पर पड़ी तो वो खुला था और सामने ट्रैक पर लाल झंडी लगी थी। उसने खतरा भांपकर इमरजेंसी ब्रेक लगाकर तत्काल ट्रेन रोक दी। ट्रेन रेंगते हुए क्रासिंग से थोड़ा पहले आकर रुकी। इसके बाद वाकी टाकी से चालक ने झांसी कंट्रोलर आपरेटर को जानकारी दी।

कंट्रोलर के आपरेटर ने सहायक अभियंता देवेंद्र प्रसाद महोबा को सूचना दी। सहायक अभियंता ने सीनियर सेक्शन इंजीनियर सतीश कौशिक को जानकारी देकर छानबीन कराई। इस बीच करीब दस मिनट तक ट्रेन वहीं पर खड़ी रही। छानबीन के बाद कंट्रोल से जानकारी पर ट्रैक क्लीयर देखकर चालक ने ट्रेन आगे बढ़ाई। इससे पहले चालक ने ट्रेन से उतरकर सड़क मार्ग पर वाहनों का अवागमन न होने की पुष्टि की और लाल झंडी को हटाया।

उधर, जांच में सामने आया कि गेट नंबर 420 पर तैनात गेटमैन धर्मवीर ने एक ट्रेन निकल जाने के बाद ट्रैक पर लाल झंडी लगा दी थी और फिर सो गया था। इससे ट्रेन आने की जानकारी उसे नहीं मिल सकी और लाल झंडी ट्रैक पर लगी रह गई। गनीमत रही कि उस समय खुली क्रासिंग से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था वरना बड़ा हादसा हो सकता था। चालक ने सूझबूझ का परिचय देते हुए क्रासिंग से पहले ट्रेन को रोक दिया था। सहायक अभियंता रेलवे ने लापरवाही पर गेटकीपर धर्मवीर को निलंबित कर दिया है।

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Edited By: Abhishek Agnihotri

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