जागरण संवाददाता, महोबा : ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसल का मुआवजा न मिलने से आहत कर्ज में घिरे किसान ने आग लगाकर खुदकशी कर ली।

शहर कोतवाली क्षेत्र के करहराकला गांव निवासी 42 वर्षीय राजबहादुर के पास पांच बीघा जमीन थी और 20 बीघा बलकट पर लेकर वह खेती करता था। इसी के सहारे वह परिवार का पालन-पोषण रहा था। पिछले दिनों ओलावृष्टि के कारण गेहूं व दलहन की फसल नष्ट हो गई। अभी तक उसे मुआवजा भी नहीं मिल सका। बीते संपूर्ण समाधान दिवस में राजबहादुर ने गांव के अन्य लोगों के साथ तहसील जाकर मुआवजे की मांग की थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। किसान की पत्नी राजश्री ने बताया कि उन पर साहूकारों का करीब दो लाख रुपये का कर्ज भी था। जो तीन बेटियों की शादी में लिया था। वर्तमान में दो बेटियों बबली व हक्कू देवी की शादी की ¨चता उसे सता रही थी। उनके एक बेटा नरेंद्र भी है। कर्ज के दबाव की वजह से वह काफी तनाव में थे। पत्नी ने बताया कि बुधवार रात वह घर आए और खुद को कमरे में बंद कर लिया। कुछ देर बाद जब आग की लपटें उठती देखीं तो दरवाजा तोड़कर उन्हें निकाला गया लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। बताया कि उन्होंने खुद पर केरोसिन डालकर आग लगा ली। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जांच करने पहुंचे तहसीलदार न्यायिक सुबोधमणि शर्मा ने बताया कि उन्होंने परिजनों के बयान दर्ज किए हैं, जिसमें बताया गया कि वह शराब के नशे में था और अपने को कमरे में बंद करके उसने आग लगा ली। इससे पहले उसकी पत्नी से कुछ बहस भी हुई थी।

Posted By: Jagran

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