जागरण संवाददाता, महोबा : डॉक्टरों की फौज आधी होने से जिला अस्पताल ही 'बीमार' हो गया है। इसका सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है। जरा सी हालत गंभीर होने पर मरीजों को रेफर कर दिया जा रहा है। वर्षो से चल रही इस समस्या को विभाग कभी दूर नहीं कर पाया।

सीएमओ की रिपोर्ट के अनुसार जिला अस्पताल में 25 डॉक्टरों का पद है। इसमें से 13 पद रिक्त चल रहे हैं। 12 में से जिला कारागार, पोस्टमार्टम और इमरजेंसी ड्यूटी में एक-एक डॉक्टर लगा दिए जाते हैं। ऐसे में नौ डॉक्टरों के भरोसे जिला अस्पताल चल रहा है। यहां रोज औसतन दो हजार मरीज आते हैं। डॉक्टरों के कम होने से मरीजों का कितना बेहतर इलाज होता होगा, इसे इन आंकड़ों से समझा जा सकता है। अस्पताल में 70 बेड हैं और कभी-कभी तो एक बेड पर तीन मरीज तक भर्ती किए जाते हैं। उच्चाधिकारियों व शासन से आई टीमों के निरीक्षण में हकीकत सभी के सामने लाई जाती है, लेकिन जिला अस्पताल की बदहाली दूर नहीं हो पा रही।

---------------

ये है आवश्यकता

सीएमएस उदयवीर सिंह ने बताया कि अस्पताल में एक पैथोलॉजिस्ट, एक नेत्र विशेषज्ञ, दो इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर, एक अस्थि रोग विशेषज्ञ, एक फिजीशियन, एक एनेस्थेटिक, एक रेडियोलॉजिस्ट की सख्त आवश्यकता है।

----------

जल्द दुरुस्त होंगी व्यवस्थाएं

डॉक्टरों की कमी के साथ ही बेड बढ़वाने को लेकर शासन को पत्राचार किया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही जिला अस्पताल को डॉक्टर मिल जाएंगे और यहां की व्यवस्थाएं भी दुरुस्त होगी।

- डॉ. सुमन, सीएमओ

Posted By: Jagran