जागरण संवाददाता, महोबा : बीते पांच सितंबर को मुख्यालय के उपकारागार में हुई कैदी भूप¨सह राजपूत की मौत के मामले में भले ही डीआइजी जेल बीआर वर्मा ने मौत का कारण हार्ट अटैक बताया हो लेकिन मृतक के परिजन इसमें जेलर व डाक्टर को दोषी मान रहे है। उन्होंने तहसील में धरना देकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।

एसडीएम को मृतक कैदी भूप¨सह राजपूत के पुत्र करन राजपूत ने सौंपे ज्ञापन में कहा कि उसके पिता बिलवई दिसरापुर निवासी भूप¨सह एक वर्ष से उप कारागार में बंद थे। उन्हें कोई साधारण अथवा गंभीर बीमारी नहीं थी। वह अपने पिता से परिजनों के साथ समय-समय पर मिलाई करने जाता रहता था। पिता द्वारा किसी भी बीमारी और कोई तकलीफ होने की कभी कोई शिकायत नहीं की। 4 सितंबर को वह अपने पिता से मिलाई करने के लिए जेल गया था। पिता ने बताया था कि जेलर अपने सहयोगी सिपाहियों से प्रताड़ित कराता था व कमान के नाम पर पैसे न देने पर मारपीट करने की धमकी देता था। उसे नैनी जेल भेजने की धमकी दी गई। जिस कारण उसके पिता ¨चतित थे और उन्हें सदमा लगा। उनके द्वारा जेल में प्रताड़ित करने की बात बताई गई थी। यदि जेल में जेलर द्वारा सही समय पर डाक्टर को बुलाकर उसके पिता का इलाज कराया जाता तो उन्हें बताया जा सकता था। 5 सितंबर को समय 7.42 से 8.45 बजे तक जेल के अस्पताल में अप्रशिक्षित बंदियों द्वारा इलाज कराया गया। यह जेल के सीसीटीवी कैमरे में बताया जा रहा है। यदि डाक्टर समय पर जाते तो उसके पिता बच सकते थे। करन राजपूत ने इसका जिम्मेदार जेलर भोलानाथ मिश्रा, डाक्टर व फार्मासिस्ट को ठहराया है। मामले में सभी दोषियों पर कार्यवाही के साथ ही जेलर को तत्काल हटाने की मांग की गई।

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