जागरण संवाददाता, महोबा: बुधवार को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने चाइल्ड लाइन की सूचना पर जिन 24 बच्चों को बरौनी एक्सप्रेस से बरामद किया था उन सभी की गुरुवार को काउंसिलिग हुई। बच्चों को ले जाने वाले व्यक्ति अनवर आलम को राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) अभी भी हिरासत में रखे हुए है। आरपीएफ इंस्पेक्टर राजेंद्र कुमार ने बताया कि अभी पूरे मामले की छानबीन हो रही है।

आरपीएफ इंस्पेक्टर राजेंद्र कुमार ने बताया कि बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की देखरेख में दिया गया था। सभी बच्चों को महोबा के राठ रोड स्थित आश्रय गृह में ठहराया गया है। गुरुवार को जिला बाल संरक्षण इकाई के सदस्यों ने इन बच्चों की एक-एक कर काउंसिलिग की। काउंसर मनोज कुमारी, ओमप्रकाश और अवधेश निरंजन ने एक-एक करके बच्चों से बात की। इस दौरान उसे बच्चों की बातचीत को रिकार्ड भी किया गया और लिखित दस्तावेज भी तैयार किया गया। आरपीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि इन बच्चों को ले जाते हुए पकड़े गए व्यक्ति अनवर आलम को जीआरपी अपनी हिरासत में रखे हुए है। बच्चों के सभी परिवारीजनों से बात की जा चुकी है। सभी का कहना है कि उनकी सहमति से बच्चों को गुजरात भेजा गया था।

यह था मामला

बुधवार दोपहर को चाइल्ड लाइन से महोबा आरपीएफ इंस्पेक्टर राजेंद्र कुमार के पास चाइल्ड लाइन के डायरेक्टर का फोन आया। कहा गया कि बरौनी एक्सप्रेस से एक फौजी का फोन आया है कि ट्रेन से कुछ बच्चों को बिहार से गुजरात ले जाया जा रहा है। आरपीएफ ने मुस्तैदी दिखाते हुए जैसी ही ट्रेन महोबा पहुंची तो तलाशी लेकर बच्चों को आरपीएफ ने अपनी सुपुर्दगी में ले लिया था। उनको ले जा रहे मोहम्मद अनवर आलम निवासी वार्ड नंबर छह, गांव सासी जिला खगड़िया थाना अलौली बिहार को हिरासत में ले लिया था। छह साल से लेकर 15 साल तक के 24 बच्चे थे। इसमें 18 बच्चे बिहार के खगड़िया जिले के, दरभंगा जिले के गांवों के चार बच्चे और समस्तीपुर जिले के गांवों के दो बच्चे हैं। सभी बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के चेयरमैन प्रेमचंद्र ने अपनी देखरेख में ले लिया था।

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