महोबा, जागरण संवाददाता। लखनऊ की एंटी करप्शन और टास्क फोर्स की संयुक्त टीम ने जैतपुर ब्लाक के एडीओ पंचायत को एक ठेकेदार से 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। पंचायतीराज विभाग के ही लिपिक को बीते सितंबर माह में विजिलेंस ने रिश्वत लेते पकड़ा था। एक माह के अंदर हुई दूसरी कार्रवाई से अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

गुरुवार शाम करीब पांच बजे एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर मृत्युंजय कुमार मिश्रा और संयुक्त टास्क फोर्स के इंस्पेक्टर नूरउलहुदा खान व इश्तियाक खान सात सदस्यीय टीम के साथ जैतपुर ब्लाक कार्यालय पहुंचे। यहां एक कमरे में मौजूद जैतपुर ब्लाक के प्रभारी एडीओ पंचायत कामता प्रसाद वर्मा को एक ठेकेदार से 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए दबोच लिया।

मुझसे रिशवत मांगी जा रही है..

बसेला पहाड़ी राठ निवासी कृष्णकांत तिवारी ठेकेदार हैं और वर्तमान में महोबा में रहते हैं। उन्होंने बताया कि मनरेगा के तहत सुगिरा में इंटरलाकिंग कार्य का चार लाख रुपये का टेंडर लिया था। फाइल अनुमोदन के लिए जैतपुर ब्लाक के पंचायत सचिव व प्रभारी एडीओ पंचायत कामता प्रसाद वर्मा के सामने प्रस्तुत की। फाइल पास कराने के नाम पर उसने 15 हजार रुपये की मांग की थी। उन्होंने इसकी शिकायत लखनऊ एंटी करप्शन टीम से की। टीम के निर्देश पर वह गुरुवार को रुपये लेकर ब्लाक पहुंचे थे।

आइजी ने कोतवाली प्रभारी को लगाई फटकार

शाम करीब छह बजे जैतपुर ब्लाक कार्यालय से एडीओ पंचायत को महोबा सदर कोतवाली लाया गया। सदर कोतवाली प्रभारी बलराम सिंह ने टीम से इस बात पर आपत्ति जताई कि मामला कुलपहाड़ कोतवाली का है तो यहां कैसे ले आए। उन्होंने एसपी सुधा सिंह से शिकायत की तो एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर ने आइजी को फोन लगा दिया।

आइजी ने कोतवाली प्रभारी को फटकार लगाई। कोतवाली प्रभारी बलराम सिंह ने बताया कि आरोपित प्रभारी एडीओ पंचायत के खिलाफ रिश्वत लेने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। टीम आरोपित को अपने साथ लेकर लखनऊ ले जा रही है।

Edited By: Nitesh Mishra

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