महराजगंज: सरकार जिला अस्पतालों में मरीजों को निश्शुल्क चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दे रखा है, लेकिन जिला अस्पताल महराजगंज में इमरजेंसी में भर्ती होने वाले मरीजों के जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। दोपहर दो बजे पैथालाजी बंद होने के बाद मरीजों को ब्लड अथवा अन्य जांच कराने के लिए बाहर प्राइवेट पैथालाजी का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में मरीजों की मुफ्त इलाज की सुविधा की उम्मीदों पर पानी फिर रहा है।

जिला अस्पताल में ब्लड, शुगर, डेंगू, जेई, एइएस, हीमोग्लोबीन, स्क्रबटायफस, चिकनगुनिया, मलेरिया, किडनी प्रोफाइल, यूरिन, टीबी, एचआइवी सहित 35 प्रकार की जांच होती है। सामान्यतौर पर प्रतिदिन करीब 150 लोगों की जांच की जाती है। दो बजे पैथालाजी बंद हो जाती है। इसमें कई बार मरीजों को रिपोर्ट मिलने में भी दिक्कत होती है। इसके बाद अगर कोई मरीज जिला अस्पताल में आता है, तो उसे प्राइवेट लैब में पैसा खर्च कर जांच करानी पड़ती है।

--------------------------------------------------

लैब 24 घंटे नहीं खुलता है। तीन लैब टेक्नीशियन ही होने के कारण 24 घंटे खुल पाना संभव नहीं है। इमरजेंसी में गंभीर मरीज आने पर जिसकी जांच बहुत आवश्यक होती है, उसके लिए लैब टेक्नीशियन को बुलाकर जांच कराई जाती है।

डा. एके राय

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक

----------------------------------------------

बाहर पैथालाजी पर लगती है भीड़

महराजगंज: जिला अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में पैथालाजी धड़ल्ले से संचालित है। जिस पर मरीजों और तीमारदारों की पूरे दिन भीड़ लगी रहती है। एक तरफ जिला अस्पताल से रिपोर्ट मिलने में विलंब तो दूसरी तरफ दो बजे के बाद अस्पताल में जांच की सुविधा नहीं होने के कारण प्राइवेट पैथालाजी की चांदी रहती है।

Edited By: Jagran