महराजगंज: जिले में टमाटर के उत्पादन में देरी और डीजल-पेट्रोल की महंगाई का असर टमाटर के बाजार पर भी पड़ रहा है। दूसरे प्रदेशों से आ रहे महंगे टमाटर ने किचेन का बजट बिगाड़ दिया है। फुटकर बाजार में टमाटर 60 से 80 के पार पहुंच चुका है। कहीं-कहीं तो यह 100 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है।

जिले में औसतन 1100 से 1400 हेक्टेयर भूमि पर टमाटर की खेती होती है। जिससे जिले में 45 फीसद टमाटर की आपूर्ति जिले के ही किसान करते हैं। शेष 55 फीसद टमाटर बाहर से आता है। इस बार मानसून के ज्यादा लंबे समय तक रहने के कारण खेती समय से तैयार नहीं हो सकी है। किसानों ने टमाटर की खेती देर से शुरू की। जिसके कारण अभी तक फसल की पहली खेप नहीं निकल सकी है। उधर बाहर (पंजाब) से आने वाले टमाटर की महंगाई का मुख्य कारण डीजल-पेट्रोल की महंगाई और समय को देखते हुए व्यापारियों की मनमानी को भी माना जा रहा है। जिला मुख्यालय स्थित मंडी में सब्जी के व्यापारी रामसंवारे, वकील, रामहरख, विजय कुमार ने बताया कि बाहर से आने वाला टमाटर खुद महंगा मिल रहा है, जिसके कारण टमाटर का बाजार चढ़ा हुआ है। देसी टमाटर निकलते ही पुन: इसका दाम सामान्य होने की उम्मीद है।

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जिले में 1200 हेक्टेयर भूमि पर टमाटर की खेती की गई है। इस बार देरी से खेती होने के कारण फसल आने में देरी हुई है। इसी कारण बाहर से आने वाले टमाटर का दाम चढ़ा हुआ है।

विकास सिंह श्रीनेत, प्रभारी उद्यान अधिकारी , महराजगंज

Edited By: Jagran