महराजगंज: मनरेगा में 14 लाख रुपये गबन के आरोप में जिला मुख्यालय से संबद्ध चल रहे निचलौल ब्लाक के तत्कालीन बीडीओ परमेंद्र पांडेय को शासन ने गुरुवार को निलंबित करते हुए आयुक्त ग्राम विकास मुख्यालय से संबद्ध कर दिया। जांच संयुक्त विकास आयुक्त गोरखपुर मंडल करेंगे। इस मामले में पहले ही एक संबंधित फर्म के खिलाफ केस दर्ज है। एपीओ समेत छह लोगों की सेवा समाप्ति के साथ तीन सचिवों को निलंबित किया जा चुका है।

निचलौल ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पैकौली कला, बीसोखोर और कटहरी खुर्द में बिना कार्य कराए 14 लाख रुपये का भुगतान तत्कालीन बीडीओ द्वारा किया गया था। डीएम के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम की जांच में इसकी पुष्टि हुई। सीडीओ ने जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी। रिपोर्ट के आधार पर ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह ने निलंबित कर दिया। जिलाधिकारी डा. उज्ज्वल कुमार ने भी इसकी पुष्टि की। सीडीओ पवन अग्रवाल ने बताया कि अब जांच में यह बात भी सामने आई है कि ग्राम पैकोली में जयमहाकाल ट्रेडर्स द्वारा 4.81 लाख एवं कटहरी खुर्द में नौ लाख रुपये की सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई थी। आरोपित कुशवाहा ईंट उद्योग द्वारा बीडीओ के भाई अनिल पांडेय व सुरेंद्र कुमार पांडेय के खाते में क्रमश: तीन एवं चार लाख रुपये भेजे गए हैं। इस मामले में भी निलंबित बीडीओ व उसके भाइयों सहित कुशवाहा ईंट उद्योग के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है।

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