महराजगंज: किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ जिले में 18887 अपात्र ले रहे हैं। सत्यापन के दौरान पाया गया कि मृतक, पति एवं पत्नी दोनों लाभ प्राप्त कर रहे हैं। नौकरी करने वाले भी योजना का लाभ ले रहे हैं। अपात्र को चेतावनी के साथ इस आशय की नोटिस जारी की जा रही है, कि अगर वह स्वेच्छापूर्वक धनराशि जमा कर दें तो ठीक है अन्यथा उनके विरुद्ध वसूली एवं विधिक कार्रवाई की जाएगी।

किसान सम्मान निधि उन किसानों को मिलती है जो सरकारी नौकरी में न हों। अगर कोई सांसद, विधायक, ब्लाक प्रमुख, ग्राम प्रधान है या पूर्व में रहा है तो उसे भी इसका लाभ नहीं मिलेगा। इसके साथ ही पति अथवा पत्नी में से किसी एक को ही योजना का लाभ दिया जाएगा, लेकिन जिले में 18887 किसानों ने जो अपात्र होने के बाद भी किसान सम्मान निधि की कई-कई किस्तें ले लीं। उनके खाते में दो- दो हजार रुपये की किश्त कृषि विभाग की ओर से भेज दी गईं। सत्यापन के दौरान मामला पकड़ में आया तो तय किया गया कि उनसे अब इस राशि की वसूली की जाए। उनकी सूची तैयार कर उन्हें नोटिस भेजी जा रही है। इसी तरह नए तरीके से फिर सत्यापन भी किया जा रहा है ताकि जो किसान छूटे हैं उन्हें योजना में शामिल कर लिया जाए और जो अपात्र हैं उनसे धनराशि की वसूली हो जाए। उपनिदेशक कृषि राजेश कुमार का कहना है कि जो धनराशि वापस नहीं करेंगे उनसे भू-राजस्व की भांति वसूली होगी। 2825 आयकरदाता व 67 मृतकों के नाम पर गया है योजना का लाभ:

जिले में कुल 18887 अपात्र लाभान्वित किसानों में 2825 ऐसे किसान सम्मिलित हैं जो आयकरदाता है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के पात्रता श्रेणी में नहीं आ सकते। यही नहीं जिले की चारों तहसीलों में हुए सत्यापन में पाया गया है कि कुल 67 मृतकों के नाम पर भी योजना का लाभ दिया गया है। इसके अलावा 13484 किसानों के नाम पर गलत खाते दर्ज कर तो 1102 गलत आधार लगाकर योजना के लाभार्थी बने बैठे हैं। इसमें 1409 अन्य कारणों से भी अपात्र पाए गए हैं। अपात्र मिलने के मामले में 11वें नंबर पर है जिला:

पीएम किसान सम्मान निधि में अपात्र किसानों को लाभ दिए जाने के मामले में महराजगंज प्रदेश में 11वें नंबर पर है। पहले नंबर पर 33015 किसानों के साथ इलाहाबाद, जौनपुर 30608, हरदोई 26048, बुलंदशहर 22997, सीतापुर 21075, सहारनपुर 20989, संतकबीर नगर 20305, आजमगढ़ 19963, गाजीपुर 19343 व लखनऊ में 19321 अपात्र किसान पाए गए हैं।

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