महराजगंज: जापानी इंसेफ्लाइटिस (जेई) और एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिड्रोम (एईएस) के मामले वाले उच्च जोखिमयुक्त जिले के पचास गांवों में बीमारियों की रोकथाम के लिए बुधवार से विशेष अभियान चलेगा। इन गांवों में होने वाली निरोधात्मक गतिविधियां समुचित रूप से संपन्न कराने के लिए चार सदस्यीय टीम गठित की गई है। टीम में खंड विकास अधिकारी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, एबीएसए तथा सीडीपीओ को शामिल किया गया है।

मुख्य विकास अधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि उच्च जोखिम गांवों के लिए गठित चार सदस्यीय टीम के अधिकारी अपने विभाग से जुड़ी गतिविधियां संचालित कराएंगे। खंड विकास अधिकारी अपने क्षेत्र के उच्च जोखिम गांवों में साफ-सफाई, फागिग, छिड़काव, जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें। इसी प्रकार प्रभारी चिकित्सा अधिकारी स्वास्थ्य सेवाओं, एबीएसए छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम चलाएंगे तथा बाल विकास परियोजना अधिकारी अपने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से सर्दी, जुकाम, बुखार सहित अन्य रोगों से ग्रसित लोगों की सूची तैयार कराएंगे। सभी गतिविधियां व कार्यक्रम कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए संपन्न कराया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी अभियान ने बताया कि अभियान पूरे जुलाई माह तक चलेगा। इन गांवों में चलेगा अभियान

जेई-एईएस के मामले में 50 गांव चिह्नित हैं। इसमें अमरुतिया, चेहरी, धनेवा धनेई, करमहा, खेमपिपरा, लखिमा, महराजगंज, नटवा, रामपुर महुअवा, बहदुरी, कोल्हुई, खेसरारी, सिसवा, बैरवा चंदनपुर, हथियागढ़, महदेवा, औराटार, बरगद बसंतनाथ, हरतोड़वा, पनेवा पनेई, धानी, घुघली, लक्ष्मीपुर और पुरैना शामिल हैं। इसी प्रकार बजही, जयश्री, निचलौल, शीतलापुर, भवानीपुर, परतावल, रामपुर उपाध्याय, श्यामदेउरवा, लेजार महदेवा, जंगल जरलहा, रूदलापुर, दरबार, मरचहवा लक्ष्मीपुर, बैकुंठपुर, महदेइया, सेवतरी, बरगदवा विशनपुर, कोटा मुकुंदपुर, पतरेगवा, चौक बाजार, ओड़वलिया, हरगांवा, मथुरा नगर और खोरिया बाजार है।

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