महराजगंज: यूं तो महराजगंज जिले में जल संकट की स्थिति नहीं है। हर तरफ नदी व नहरों का जाल है। इसके कारण यहां अभी भूजल का स्तर सामान्य है। लेकिन भविष्य को देखते हुए विश्वव्यापी जलसंकट की समस्या के समाधान के लिए गंभीर होना होगा। इसलिए हम जब भी घर, सरकारी भवन बनवाएं तो रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम जरूर लगाएं , ताकि वर्षा जल का संचयन हो सके।

लघु एवं सिचाई विभाग के सहायक अभियंता अनिल मिश्र ने बताया कि रेन वाटर हार्वेस्टिग सिस्टम से जल के साथ हमारा वर्तमान व भविष्य भी सुरक्षित रहेगा। इस विधि का एक फायदा है कि जो पानी भूमि के अंदर जाएगा, उसका उपयोग परिवार, समाज ही करेगा। एक हजार वर्ग फीट के मकान में प्रति स्कवायर 70 से 80 रुपये खर्च होते हैं। मसलन 70-80 हजार रुपये खर्च होते हैं। भवनों की छत पर बरसाती पानी को संचित करके एक पाइप के माध्यम से सीधे रेन वाटर फिल्टर से रेन वाटर स्टोरेज टैंक में पहुंचता है। वाटर स्टोरेज टैंक को डेढ़ मीटर गहरा बनाया जा सकता है। इन कार्यों में कर सकते हैं उपयोग

वर्षा जल शुद्ध होता है, इसका उपयोग सभी कार्यों के लिए किया जा सकता है। बर्तनों की सफाई, नहाना व कपड़ा धुलना, शौच आदि कार्य, सिचाई के लिए, मवेशियों के नहाने आदि के लिए किया जा सकता है। गंदगी से मिलती है मुक्ति

घनी आबादी वाले क्षेत्रों में वर्षा का जल छतों से बहकर नालों व नदी में जाकर गंदगी पैदा करता है। जबकि इसको संग्रहीत करके इस समस्या से मुक्ति मिल सकती है। भूमि के अंदर संग्रहीत जल का वाष्पीकरण नहीं होता है। इसलिए पानी के समाप्त होने की संभावना कम ही रहती है। गिरते भूजल स्तर को उठाया जा सकता है। जल संकट का समाधान है रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम

आज उत्तम गुणवत्ता वाले पानी की कमी चिता का कारण बन चुकी है। यद्यपि शुद्ध और अच्छी गुणवत्ता वाला वर्षा जल शीघ्र ही बह जाता है, परंतु यदि इसे एकत्र किया जाए तो जलसंकट पर नियंत्रण पाया जा सकता है। वर्तमान जल संकट को देखते हुए यही एक मात्र विकल्प बचा है, जिसके द्वारा जल संकट का समाधान दिया जा सकता है।

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