महराजगंज: तमाम प्रयासों के बावजूद बजट के अभाव में जनपद में ट्रामा सेंटर नहीं बन पाया। इस कारण गंभीर रूप से घायलों को यहां से मजबूरी में रेफर करना पड़ता है। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में ही घायलों के प्राथमिक उपचार की सुविधा है। सर्जरी करनी पड़े तो इसके लिए जिला अस्पताल से गोरखपुर मेडिकल कालेज के लिए रेफर करने के अलावा और कोई सहारा नहीं। ऐसे में कई बार घायलों को मेडिकल कालेज लेकर जाते वक्त रास्ते में ही मौत हो जाती है। ऐसे में अगर जिले में ट्रामा सेंटर की स्थापना हो जाए तो असमय होने वाली मौतों पर अंकुश लगाया जा सकता है।

सिसवा बाजार के अनुराग सिंह ने बताया कि ट्रामा सेंटर बन जाने से किसी भी गंभीर मामले में रेफर की समस्या से छुटकारा मिल सकेगा। जिले के जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि वे बजट को लेकर अविलंब पहल करें।

धनेवा-धनेई के अजय गुप्ता ने बताया कि जिला अस्पताल में किसी भी बड़ी दुर्घटना के बाद सर्जरी की बेहतर व्यवस्था नहीं होती है। चिकित्सक भी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने के लिए मरीज को तुरंत रेफर कर देते हैं।

निचलौल के शैलेंद्र गुप्ता ने बताया कि जिले में आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। दुर्घटनाओं के बाद घायलों के स्वजन जिदगी के आस में अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन वहां उनको बेहतर उपचार न मिलने से निराशा होती है।

धनेवा विनय तिवारी ने बताया कि जिला अस्पताल में बेहतर सुविधा न होने से सड़क दुर्घटना में घायल, ब्रेन हेमरेज या हार्ट अटैक सहित कई अन्य गंभीर मरीजों को इलाज के लिए गोरखपुर मेडिकल कालेज जाना पड़ता है।

Edited By: Jagran