महराजगंज : वनटांगिया बाहुल्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्र काधपुर दर्रा व बेलौहा में हालत बाढ़ आने के दो दिन बाद भी काफी खराब हैं। राहत व बचाव के नाम पर चुरा व बिस्कुट थमा कर प्रशासनिक अमले ने अपना कोरम पूरा कर लिया,लेकिन कांधपुर दर्रा व बेलौहा के वनटांगियों का हाल बेहाल है। भोजन व पेयजल के लाले हैं। रात बंधे पर कट रही है। घर व फसल को बाढ़ ने लील लिया।

क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित लोग तबाही के बाद भी जरुरी सरकारी सहायता न मिलने से काफी परेशान हैं। यहां तबाही का मंजर देख पीड़ितों का दर्द समझते देर नहीं लगी। लक्ष्मीपुर क्षेत्र में चार किमी जंगल में बसे दो हजार आबादी वाले कांधपुर दर्रा व बेलौहा में बाढ़ ने जिस तरह से तांडव मचाया है। उससे लोगों को काफी मुसीबतों के बीच दिन गुजारना पड़ा। बाढ़ की विभीषिका ने बहुत से परिवारों का आशियाना तक छिन लिया है। सब कुछ तबाह होने के बाद लोगों को खाने पीने का संकट खड़ा हो गया है। गांव के सोनू राजू, सोमई, गणेश, पप्पू, प्रेम, रामहरक, रामधनी की माने तो बहुत से लोगों का मकान क्षतिग्रस्त कर दिया है। बावजूद इसके तहसील प्रशासन द्वारा बांटी गईं राहत सामग्री से लोग खुश नहीं हैं।

पुल का एप्रोच क्षतिग्रस्त, आवागमन बाधित

नौतनवा विकास खंड नौतनवा के शेख फरेंदा टोला करमहिया- कैथवलिया उर्फ बरगदही मार्ग स्थित घाघरा नदी पुल का एप्रोच बीते सप्ताह उफनाई नदी से दोनों तरफ क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे ग्रामीणों को दो गुना लंबी दूरी तय करना पड़ रहा है। वहीं चार पहिया वाहनों का आवागमन बंद हो गया है। जिसको दुरुस्त कराने के लिए ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीण छोटे लाल साहनी, राम मुहर्त, राजू साहनी, सुनील साहनी, बबलू यादव, मोहित साहनी, मनोज साहनी, प्रदीप प्रजापति, नंदलाल, विजय बहादुर आदि ने कहा कि चार माह पहले पुल का दक्षिणी एप्रोच ध्वस्त था। शिकायत के बाद विभाग ने बोरा में बालू भरकर अस्थाई रूप से मरम्मत कार्य किया था। लेकिन चार दिन पहले उफनाई नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा था। उसके बाद पुल का मार्ग दोनों तरफ से कटकर नदी में समा गया है, जिससे पैदल यात्रा करना खतरनाक हो गया है। बाइक व चार पहिया वाहन लंबी दूरी तय कर नौतनवा, खनुआ व हरदी डाली पहुंच रहे हैं। पीडब्ल्यूडी जेई आरती चौधरी ने बताया टेंडर हो गया है, जल्द ही एप्रोच व मार्ग को दुरुस्त कराने का कार्य शुरू हो जाएगा।

Edited By: Jagran