महराजगंज: नियम है मरीजों के बेड पर रोजाना नई चादर बिछाने का लेकिन जिला अस्पताल की इमरजेंसी में ही कई दिनों तक चादर नहीं बदली जा रही है। मरीज जाते हैं, दूसरे मरीज आते हैं लेकिन चादर वही रहती है। कोई नई चादर मांगता है तो स्वास्थ्यकर्मी घर से चादर मंगाने का फरमान सुनाकर चले जाते हैं। गंदे चादर पर मरीज कराह रहे हैं और इमरजेंसी में गंदगी के कारण उठ रही बदबू से तीमारदारों का बुरा हाल है।

मंगलवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों की संख्या बहुत ज्यादा थी। तकरीबन सभी बेड हाउसफुल थे। एक मरीज जाता तो दूसरे मरीज को भर्ती कर लिया जाता। नए मरीज के तीमारदार नई चादर के लिए भाग-दौड़ शुरू करते लेकिन कोई सुनने वाला ही नहीं था। मजबूरी में या तो अपने साथ ले आई चादर बिछाते या पुरानी चादर पर ही मरीज को लिटाते। इमरजेंसी के बाहर नालियां चोक हैं।

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फोटो: 10 एमआरजे: 21 वार्ड में मंगलवार को सफाई नहीं हुई है। शौचालय में भी गंदगी है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से शिकायत भी की लेकिन समस्या जस की तस बनी है।

रीता, तीमारदार --------

फोटो: 10 एमआरजे: 22

दो दिन से बेड का चादर नहीं बदला गया। एक तरफ चादर से बदबू उठ रही है तो दूसरी तरफ वार्ड में सफाई न होने से भयंकर बदबू है।

गुड़िया, तीमारदार

फोटो: 10 एमआरजे: 23 अस्पताल के इलाज से संतुष्ट हूं लेकिन साफ-सफाई की व्यवस्था इतनी बदतर यहां है तो सीएचसी, पीएचसी का हाल खुद जाना जा सकता है।

सुशील, तीमारदार

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फोटो: 10 एमआरजे: 24

चादर रोज बदलने का नियम है लेकिन यहां सफाई का ध्यान नहीं रखा जा रहा है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बना है।

धीरेंद्र, तीमारदार कोट

बेहतर इलाज का प्रयास किया जाता है। चादर रोजाना बदली जाती है। यदि ऐसा नहीं है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

डा. आरबी राम, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक

------- किस दिन किस रंग का चादर

सोमवार- सफेद

मंगलवार- गुलाबी

बुधवार- हरा

बृहस्पतिवार- पीला

शुक्रवार- बैगनी या लवेंडर

शनिवार- नीला

रविवार- हल्का गुलाबी या हल्का भूरा

Posted By: Jagran

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