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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Mulayam Singh Yadav: महराजगंज की सभा में जब नेता जी ने कहा, मुझसे पहले मेरा जिलाध्यक्ष संबोधित करेगा

By Vishwa Deepak TripathiEdited By: Pradeep Srivastava
Published: Mon, 10 Oct 2022 07:15 PM (IST)

Mulayam Singh Yadav मुलायम सिंह यादव का उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले से गहरा नाता रहा है। महराजगंज में आयोजित ...और पढ़ें

समाजवादी पाटी के संस्थापक व उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव। - फाइल फोटो
समाजवादी पाटी के संस्थापक व उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव। - फाइल फोटो

महराजगंज, विश्वदीपक त्रिपाठी। सपा नौजवानों की पार्टी है, कभी बूढ़ी नहीं होनी चाहिए। मुझसे पहले मेरा जिलाध्यक्ष संबोधित करेगा...। यह शब्द हैं समाजवादी पार्टी के संस्थापक व देश के कद्दावर नेता मुलायम सिंह यादव के। वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में तत्कालीन सपा प्रत्याशी डा.अजीत मणि त्रिपाठी के पक्ष में चुनावी जनसभा को संबोधित करने पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव महराजगंज के जवाहर लाल नेहरू स्मारक पीजी कालेज के परिसर में आए थे। मैदान खचाखच कार्यकर्ताओं से भरा था। उस समय सभा का संचालन पार्टी के जिला प्रभारी व सलेमपुर के पूर्व विधायक सुरेश यादव कर रहे थे।

छोटे से छोटे कार्यकर्ता की चिंता करते थे नेताजी

समयाभाव के चलते संचालक ने औपचारिक स्वागत भाषण के बाद सीधे मुलायम सिंह यादव को संबोधित करने के लिए बुला दिया। इतना सुनते ही नेताजी ने पहले तत्कालीन जिलाध्यक्ष राजेश यादव को संबोधित करने को कहा। छोटे से छोटे कार्यकर्ता की चिंता, सबको सहेज कर चलने की ताकत, कथनी व करनी में अंतर नहीं। हानि लाभ की चिंता किए बगैर रिश्तों को सहेज कर चलने वाले मुलायम सिंह यादव का कुछ इसी तरह का व्यक्तित्व था। उनकी कई यादें महराजगंज व यहां के समाजवादी नेताओं से जुड़ी हुई हैं।

कुंवर अखिलेश सिंह से मिलने गोरखपुर जेल गए थे मुलायम सिंह

मुलायम सिंह यादव की बातों को याद कर पूर्व सांसद कुंवर अखिलेश सिंह भावुक हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि जुलाई 1999 में एक आंदोलन के चलते वह 100 से अधिक कार्यकर्ताओं के साथ गोरखपुर जेल में बंद थे। कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए मुलायम सिंह यादव जेल में पहुंच गए। उन्होंने संघर्ष की तारीफ करते हुए जमानत कराने को कहा। वहीं दूसरी तरफ कुंवर अखिलेश सिंह समेत सपा कार्यकर्ता इस जिद पर अड़े थे कि वह जमानत नहीं कराएंगे। बाद में प्रशासन को सभी कार्यकर्ताओं को बिना शर्त रिहा करना पड़ा। कुछ समय के बाद अक्टूबर 1999 में 13 वीं लोकसभा का चुनाव हुआ, जिसमे कुंवर अखिलेश सिंह महराजगंज के सांसद चुने गए। पूर्व सांसद ने कहा कि जब भी विदेश यात्रा पर सांसदों का प्रतिनिधमंडल जाता था, नेताजी मुझे उसमें शामिल कर देते थे।