सिद्धार्थनगर : आपदा में कमाई का अवसर लोग तलाश ही लेते हैं। इस बार की बाढ के बाद भी कुछ ऐसा ही हो रहा है। तहसील के लेखपाल बाढ़ ग्रस्त गांवों में बाढ राहत वितरण में भारी गड़बड़ी कर रहे हैं। ताजा मामला हाटा ग्राम पंचायत का प्रकाश में आया है। कुल चार सौ परिवारों के इस गांव में नौ सौ तीस लोगों में बाढ़ राहत बैग का वितरण कर दिया गया। जबकि कई ग्रामीण अभी भी इससे वंचित हैं। ग्रामीणों ने लेखपाल के इस मनमानी की शिकायत मुख्यमंत्री सहित जिलाधिकारी व मंडलायुक्त से करते हुए जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।

पूर्व प्रधान शिव प्रकाश, बंसराज, सोहराती, मीना, सोमनाथ, सतीश, रामधारी, वंश बहादुर, सुनील यादव, अखिलेश, शिवनाथ, गुड़िया, सुमन, रीना, राजमती, मीना, पूनम, रजनी सरिता आदि ने हस्ताक्षरयुक्त अपने शिकायती पत्र में कहा कि लेखपाल अजय कुमार ने प्रभावित हो गलत सूची तैयार कर बाढ़ राहत सामग्री का वितरण कर दिया। बाढ़ राहत सामग्री वितरण की तैयार की गई सूची में लगभग 100 से अधिक आठ से 16 साल के बच्चे हैं, जिन्हें शासन से प्रेषित बाढ़ राहत किट दे दिया गया है। यही नहीं सूची में बाढ़ राहत पाने वाले कुछ ऐसे लाभार्थियों का भी नाम है जो नेपाल राष्ट्र में रहते हैं। पति पत्नी तक को अलग अलग यह किट दे दिया गया। शिकायत कर्ताओं ने भी आरोप लगाया है कि लेखपाल को सुविधा शुल्क ना देने के कारण हम लोगों का नाम सूची में नहीं दिया गया है।

लेखपाल अजय कुमार ने कहा कि

हमने जो सूची बनाई है उसमें कोई नाबालिग नहीं। सूची हमारी नौ सौ तीस परिवारों की बनी है जिसमें में तीस लोगों ने बाढ़ राहत किट लेने से इन्कार कर दिया है। वही शिकायत कर रहे हैं।

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