महराजगंज, जागरण संवाददाता। महराजगंज जिले के निचलौल तहसील में फर्जी दस्तावेजों पर बैनामा और एग्रीमेंट (विक्रय करार) कराने के मामले में 12 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। इसमें जहां अभी तक साक्ष्यों के अभाव में निचलौल के उपनिबंधक की गिरफ्तारी अटकी हुई है, वहीं फरार आरोपितों की गिरफ्तारी में पुलिस छापेमारी कर रही है, लेकिन इनमें से दो आरोपिताें के न्यायालय पहुंचने की सूचना है।

यह है पूरा मामला

गोरखपुर सदर कोतवाली थाना क्षेत्र अलीनगर निवासी अखिलेश द्विवेदी ने नौ सितंबर को निचलौल के उपनिबंधक समेत 12 लोगों के विरुद्ध धोखाधड़ी के अलावा कूटरचना का मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने बताया था कि निचलौल कस्बे में ठूठीबारी मार्ग पर उनकी करीब डेढ़ एकड़ पुस्तैनी भूमि है। जिसे आरोपितों ने अपनी भूमि बताकर बैनामा व एग्रीमेंट करा लिया था।

इस मामले में पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर उपनिबंधक निचलौल, उपनिबंधक कार्यालय के लिपिक, बैनामा लेखक और अधिवक्ता कृष्ण कुमार चौहान, भूमि लेने और एग्रीमेंट कराने वाले 1/355 एडब्ल्यूएस आंबेडकरपूरम कल्याणपुर, कानपुर आउटर निवासी आदित्य पांडेय और 837सी, 10बोरिंग न्यू कालोनी, लच्छीपुर गोरखपुर निवासी प्रदीप चंद्र त्रिपाठी के अलावा बैनामा और एग्रीमेंट में गवाह बने महराजगंज सदर कोतवाली के दरौली गांव निवासी विजय शर्मा, नगर पालिका के राजीवनगर निवासी राजू कुमार, ठूठीबारी थाना क्षेत्र के गड़ौरा निवासी दिनेश विश्वकर्मा, लोहरौली निवासी धीरेंद्र कुमार पांडेय और तीन अज्ञात कुल 12 व्यक्तियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। लेकिन मुकदमा दर्ज होने के बाद भी पुलिस को अभी तक मामले में कोई खास प्रगति नहीं मिली है।

क्या कहते हैं अधिकारी

पुलिस अधीक्षक डा. कौस्तुभ ने बताया कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे निचलौल में बैनामा और एग्रीमेंट मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी में पुलिस की टीमें लगी हुई हैं। अभी तक किसी भी आरोपित के न्यायालय में पहुंचने या आत्मसमर्पण करने की सूचना नहीं है। जल्द ही मामले में आरोपितों को गिरफ्तार किया जाएगा।

Edited By: Pragati Chand

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