नेपाल में बाढ़ से नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ा, महराजगंज में हाई अलर्ट; तटवर्ती इलाकों में NDRF और PAC तैनात
Nepal Flood | नेपाल में बूढ़ी गंडकी नदी में बाढ़ के बाद महराजगंज में नारायणी नदी के जलस्तर को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है।

नेपाल में बाढ़ से नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ा।
HighLights
नेपाल में बूढ़ी गंडकी नदी में बाढ़ से खतरा।
नारायणी नदी के जलस्तर पर प्रशासन की पैनी नजर।
पीएसी, एनडीआरएफ टीमें तैनात, बचाव दल तैयार।
जागरण संवाददाता, महराजगंज। नेपाल के गोरखा जिले में बूढ़ी गंडकी नदी में आई बाढ़ के बाद नारायणी नदी के जलस्तर को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। रविवार को अधिकारियों ने बैठक कर नदी की स्थिति की समीक्षा की और संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियों पर चर्चा की।
नदी के किनारे और संवेदनशील क्षेत्रों में पीएसी व एनडीआरएफ की टीमें तैनात कर दी गई हैं। रविवार शाम छह बजे नारायणी नदी का जलस्तर 42,800 क्यूसेक दर्ज किया गया।
नेपाल में बाढ़ के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए सोहगीबरवा, शिकारपुर और भोथहा समेत तटवर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन संभावित खतरे से निपटने के लिए लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है।
अगस्त के अंतिम सप्ताह में नेपाल में आई बाढ़ का असर महराजगंज और कुशीनगर तक पहुंचा था। उस समय नारायणी नदी में पानी का बहाव करीब तीन लाख क्यूसेक तक पहुंच गया था। वहीं, सितंबर में लगातार दो दिनों की वर्षा के बाद नदी का जलस्तर छह लाख क्यूसेक तक पहुंच गया था।
इससे तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया था। नेपाल में दोबारा बाढ़ की स्थिति बनने से सीमावर्ती इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। तहसीलदार अमित कुमार सिंह ने बताया कि नारायणी नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी कराई जा रही है।
पीएसी और एनडीआरएफ के जवान तैनात हैं। राजस्व क्षेत्रों में राजस्वकर्मियों के साथ बचाव एवं राहत दलों को भी तैयार रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
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