जागरण संवाददाता, महराजगंज: जिले में संचालित हो रही रोडवेज बसों में टिकट मैनुअल बनाए जा रहे हैं। टिकट बनाने वाली 102 इलेक्ट्रानिक टिकटिग मशीन (ईटीएम) कई महीने से खराब है। मैनुअल टिकट पर पूरा विवरण दर्ज नहीं हो रहा है। इससे बस कंडक्टरों के साथ यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या पर परिवहन विभाग को शीघ्र ध्यान देना चाहिए। ताकि कंडक्टरों को सहूलियत मिल सके।

महराजगंज डिपो में कुल 117 इलेक्ट्रानिक टिकटिग मशीन हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ 15 मशीनें ही काम कर रहीं हैं। परिचालक मैनुअल टिकट काट रहे हैं, लेकिन टिकट पर गाड़ी नंबर स्पष्ट नहीं लिखा जा रहा है। इसे लेकर यात्रियों और परिचालकों में आए दिन नोकझोंक होती है।

----------- टिकट, यात्रा को प्रमाणित करने का भी आधार है, लेकिन टिकट पर डिटेल नहीं भरने से परेशानी बढ़ सकती है। अगर पुलिस रात में जांच के दौरान रोकती है, तो उसे टिकट दिखाकर संतुष्ट किया जा सकता है, लेकिन डिटेल न होने से समस्या हो रही है।

धर्मेंद्र शर्मा, पनियरा -

मशीन खराब होना, विभाग की बड़ी लापरवाही है। ईटीएम से प्राप्त टिकट से पारदर्शिता रहती है। जिम्मेदारों को इसके लिए ठोस पहल करनी चाहिए, क्योंकि टिकट को लेकर कई बार परिचालकों से विवाद भी होता है। यात्रियों को उनका हक मिलना चाहिए।

जितेंद्र पांडेय, सरडिहा

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इलेक्ट्रानिक टिकटिग मशीन उपलब्ध कराने वाली संस्था का अनुबंध समाप्त हो गया है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। मुख्यालय से नया टेंडर होने के बाद मशीन उपलब्ध कराई जाएगी। महेंद्र पांडेय

एआरएम, महराजगंज बस डिपो

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