महराजगंज की तहसीलों में खुलेंगे न्यू एज लर्निंग सेंटर, दो करोड़ की परियोजना को केंद्र की मंजूरी
महराजगंज जिले में ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए न्यू एज लर्निंग सेंटर (एनएएलसी) स्थापित किए जाएंगे।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
एनएएलसी स्थापना, ग्रामीण छात्रों को आधुनिक संसाधन।
दो करोड़ की परियोजना स्वीकृत, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, करियर मार्गदर्शन सुविधा।
जागरण संवाददाता, महराजगंज। ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को आधुनिक अध्ययन संसाधन उपलब्ध कराने, डिजिटल शिक्षा की पहुंच बढ़ाने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर माहौल देने की दिशा में जिले में नई पहल होने जा रही है। महराजगंज, फरेंदा, नौतनवा और निचलौल तहसील में न्यू एज लर्निंग सेंटर (एनएएलसी) स्थापित किए जाएंगे।
केंद्र सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग, भारत सरकार, नई दिल्ली की ओर से इसके लिए तैयार दो करोड़ रुपये की परियोजना को स्वीकृति मिल गई है। इसके बाद जिला प्रशासन को स्टीमेट तैयार कर भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले में चारों केंद्रों की स्थापना के लिए जिला विकास अधिकारी भोलानाथ कन्नौजिया के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था। स्वीकृति मिलने के बाद अब जिला प्रशासन स्तर से परियोजना का स्टीमेट तैयार कराया जा रहा है।
साथ ही चारों तहसीलों में केंद्र स्थापित करने के लिए उपयुक्त सरकारी भवनों और स्थानों का चयन भी किया जा रहा है। परियोजना को आठ माह में चरणबद्ध ढंग से पूरा करने की योजना है।
एक ही छत के नीचे डिजिटल पढ़ाई से करियर गाइडेंस तक
न्यू एज लर्निंग सेंटर में मौजूदा सरकारी पुस्तकालयों अथवा उपलब्ध सरकारी भवनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। यहां इंटीरियर और आधारभूत ढांचे के उन्नयन के साथ फर्नीचर, अध्ययन व्यवस्था, कंप्यूटर व आइसीटी इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट लर्निंग सुविधा, डिजिटल लाइब्रेरी और ई-लर्निंग संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
विद्यार्थियों को हाईस्पीड इंटरनेट, वाई-फाई, टैबलेट, ई-रीडर, ई-बुक, ऑनलाइन टेस्ट सीरीज, मॉक टेस्ट, ई-लर्निंग प्लेटफार्म और रिकॉर्डेड लेक्चर की सुविधा मिलेगी। प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए समर्पित अध्ययन स्थल के साथ करियर गाइडेंस, मेंटरशिप और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
चार चरणों में खर्च होगी धनराशि
दो करोड़ रुपये की परियोजना के लिए धनराशि चार चरणों में 25-25 प्रतिशत के हिसाब से जारी की जाएगी। पहले चरण में केंद्र का उन्नयन और स्मार्ट लर्निंग, दूसरे में फर्नीचर व डिजिटल लाइब्रेरी, तीसरे में कंप्यूटर, टैबलेट और करियर गतिविधियां तथा चौथे चरण में इंटरनेट, वाई-फाई, पावर बैकअप, सुरक्षा, सोलर पावर और निगरानी संबंधी कार्य होंगे। मौजूदा सरकारी भवनों के उपयोग से नए सिविल निर्माण की आवश्यकता नहीं होगी।
न्यू एज लर्निंग सेंटर परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। चारों तहसीलों में न्यू एज लर्निंग सेंटर के लिए उपयुक्त भवनों का चयन किया जा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को सरकारी स्तर पर आधुनिक अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल संसाधनों की पहुंच बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा। -गौरव सिंह सोगरवाल, जिलाधिकारी।
