महराजगंज: शनिवार की दोपहर में धूप होने के बावजूद गलन बरकरार रही। सुबह दस बजे तक चारों तरफ कोहरे की चादर तनी हुई थी। सर्दी से बचने के लिए अलाव लोगों का सहारा बने हुए हैं। दोपहर में बादलों की ओट से निकली धूप भी लोगों को सर्दी से राहत नहीं दे सकी। अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम सात आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कोहरे के चलते लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

नौतनवा संवाददाता के अनुसार नेपाल के पहाड़ों में हुई बर्फबारी से हिमालय की तलहटी में बसे मैदानी इलाकों का मौसम सर्द होने लगा है। सुबह नौतनवा तहसील क्षेत्र के सीमावर्ती गांव श्यामकाट, शेषफरेंदा, भगवानपुर, लक्ष्मीनगर, पोखरभिडा उर्फ बैरियहवा, लक्ष्मीनगर, रतनपुर, जारा, पुरैनिहा, खनुआ, हरदी डाली, कैथवलिया उर्फ बरगदही, महुअवा, सुकरौली उर्फ अरघा, गनवरिया, आराजी सरकार उर्फ बैरियहवा समेत नेपाल के रूपनदेही, कपिलवस्तु व नवलपरासी में कोहरे का साम्राज्य रहा। सुबह से पुरवा हवा के झोंके ने तापमान को आठ डिग्री सेल्सियस तक ला दिया। कोहरा दोपहर करीब 12 बजे छाया रहा। जिससे फसलों पर ओस की बूंदों की सफेद चादर बिछी रही। मार्गों पर आवागमन कम रहा। लोग घरों में मकर संक्रांति पर्व मनाने में जुटे रहे। दोपहर करीब 12 बजे के बाद हवा का रुख बदला और आसमान से बादल छंटने के बाद सूर्य देव के दर्शन होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों का कहना है कि कोहरे व ओस से गेहूं की फसल को लाभ है। आगामी दिनों में पाला न पड़े तो उनके सब्जियों की खेती पर भी कोई नुकसान होगा।

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