महराजगंज: श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के परतावल-गोरखपुर फोरलेन सड़क पर अमवा चौराहे के निकट पिकअप पर लदे गैस सिलेंडर में शनिवार को शाम पांच बजे आग लग गई, जिससे पिकअप जल गई। फायर ब्रिगेड व ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया गया। परतावल-गोरखपुर मार्ग पर अमवा चौराहे के निकट भगवंत पटेल इंटर कालेज के पास फोरलेन सड़क के किनारे बने डिवाइडर को पेंट करने के लिए पिकअप पर सिलेंडर रखकर पेंट को पका रहे थे। इसी दौरान अचानक पिकअप में आग लग गई और धू-धू कर जल गई। पुलिस ने फायर की गाड़ी को बुलाकर आग पर काबू पा लिया। सड़क बना रही कंपनी जली हुई, गाड़ी को अपने साथ ले गई। एसएचओ श्यामदेउरवा आनंद कुमार गुप्ता ने कहा कि फायरकर्मियों की मदद से आग पर काबू पा लिया गया है। पिकअप समेत बेंत व चार बोटा साखू बरामद

महराजगंज: सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग के निचलौल व मधवलिया रेंज के दो जगहों से पिकअप पर लदी बेंत व 18 पीस चीरान तथा चार बोटा साखू बरामद किया। इस दौरान पिकअप चालक अंधेरे का लाभ लेकर भाग निकला।

वन क्षेत्राधिकारी जगरनाथ प्रसाद ने बताया कि निचलौल रेंज के ग्राम चरगहा टोला बड़हरी में शनिवार की सुबह करीब चार बजे एक पिकअप पर लदी अवैध बेंत बरामद किया। पिकअप चालक मौके से फरार हो गया। जिसके बाद बेंत लदी पिकअप को रेंज परिसर लाकर कार्रवाई की जा रही है। पकड़े गए 50 क्विंटल बेंत की कीमत करीब 28 हजार रुपये आंकी गई है। वन क्षेत्र मधवलिया के बरगदवा बाजार में शनिवार को एसडीओ आरके सिंह के निर्देशन में शाम चार बजे एक घर से 18 पीस चिरान व 4 बोटा साखू बरामद कर एक आरोपित रामसेवक निवासी मंगलापुर को पकड़ लिया गया। इस दौरान वन दरोगा अवधेश मौर्य, रामप्रसाद व कासिम अली मौजूद रहे। जीवित को मृतक दिखाकर कटवा दी पेंशन, जांच की मांग

महराजगंज: पनियरा विकास खंड के ग्राम भवानीपुर में वृद्धा पेंशन के जीवित सात लाभार्थियों को मृतक दिखाकर पेंशन की सूची से नाम कटवाने का मामला प्रकाश में आया है। लाभार्थियों ने इस संबंध में तहसीलदार को शिकायती पत्र सौंपा है और जांचकर कार्रवाई की मांग की है।

भवानीपुर निवासी बर्फी देवी, गाजर, जयराम प्रसाद, कबूतरी देवी, मिठाई, राधेश्याम व रामललित ने बताया कि उन्हें पिछले कई वर्षों से वृद्धा पेंशन की धनराशि मिल रही थी। लेकिन जब जून 2021 में प्रथम किस्त नहीं मिली तो जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय से जानकारी प्राप्त की गई। जहां पता चला कि उन्हें मृतक दिखाकर पेंशन कटवा दिया गया है। इस कार्य में ग्राम विकास अधिकारी और प्रधान की भूमिका संदिग्ध है। प्रकरण की जांच किसी सक्षम अधिकारी से कराकर पेंशन पुन: दिलाया जाए।

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