महराजगंज : निचलौल तहसील क्षेत्र के कृषि विज्ञान केंद्र बसुली में आयोजित फसल अवशेष प्रबंधन परियोजना अंतर्गत जनपद स्तरीय जागरूकता अभियान में बुधवार की शाम को प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। जहां उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए बेहतर कृषि प्रबंधन व किसान की आय बढ़ाने की बात कहीं।

मुख्य अतिथि ने कहा कि सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों में किसानों को सही जानकारी देने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना करने का निर्णय लिया है, क्योंकि अब समय बदल रहा है। इसलिए किसान भाइयों को भी अब कृषि के तौर तरीकों को को बदल कर अपनी आमदनी बढ़ानी चाहिए। सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से हमेशा नई जानकारी देकर बेहतर खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि वह महराजगंज के किसानों की क्षमता को जानते हैं। यहां के किसान पूरे प्रदेश में अपनी एक अलग पहचान रखते हैं। कार्यक्रम को क्षेत्रीय विधायक प्रेमसागर पटेल ने भी संबोधित किया। इस दौरान क्षेत्रीय प्रसार निदेशक प्रो. एपी राव ने किसानों को बेहतर खेती व फसल अवशेष प्रबंधन के संबंध में जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने व बाढ़ में खराब हुए फसल के मुआवजे की मांग किया। किसान राजकिशोर मद्धेशिया, अरुण कुमार सिंह, फैजुल्ला, भोपत, महेश, रामकिशन, राजेश्वर, राधेश्याम, इंद्रेश, रामनरेश आदि लोग उपस्थित रहे। पोषण वाटिका से सुपोषित होंगे आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चे

महराजगंज: जिला प्रशासन सुपोषण की राह आसान बनाने करने के लिए जिले में 122 पोषण वाटिका विकसित करा रहा है। इसके माध्यम से स्कूली व आंगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चों को हरी व ताजी सब्जी मिलेगा। जो उनके पोषण स्तर में सुधार के लिए सहायक होगा। मुख्य विकास अधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि सितंबर पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है। इसके तहत बच्चों, धात्री, गर्भवती सहित अन्य कुपोषित बच्चों की सेहत सुधारने पर विशेष जोर है। 12 आदर्श आंगनबाड़ी केंद्रों पर, 10 आदर्श प्राथमिक विद्यालयों पर, बृजमनगंज, घुघली, सिसवा, महराजगंज ब्लाक में आठ-आठ, नौतनवा, पनियरा, परतावल, फरेंदा ब्लाक में नौ-नौ, निचलौल, लक्ष्मीपुर व मिठौरा ब्लाक में 10-10 तथा धानी में दो पोषण वाटिका विकसित करायी जा रही है। पोषण वाटिका विकसित करने के लिए मनरेगा से धन व्यय किया जाएगा। वाटिका में लगेंगे पोषणयुक्त पौधे

सभी पोषण वाटिका में आंवला, नीबू, करौदा, पालक, मेथी, राजमा, तुलसी, करी पत्ती, सहजन, धनिया आदि के पौधे लगाए जाएंगे। इसके लिए धन की व्यवस्था शिक्षा विभाग करेगा। पौधे उद्यान विभाग से लिए जा रहे हैं। पोषण वाटिका की देखरेख की जिम्मेदारी बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की होगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश कुमार ने बताया कि पोषण वाटिका विकसित हो जाने से उन केन्द्रों से जुड़े करीब 1200 बच्चों व 250 गर्भवती धात्री महिलाओं को ताजी एवं हरी सब्जी मिलेगा।

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