महराजगंज: सड़क पर सुरक्षित यातायात के लिए एक ओर जहां जिला प्रशासन द्वारा जागरूकता गोष्ठियों व रैलियों का आयोजन कर सभी को उनके कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर नौतनवा- ठूठीबारी मार्ग पर चलने वाली निजी सवारी बसों की मनमानी से प्रशासन के इस पूरे अभियान पर सवाल खड़ा हो रहा है। कारण है कि मानक से कई गुना अधिक सवारी लेकर चलने वाली इन बसों पर न तो परिवहन विभाग की नजर है और न ही स्थानीय थानों के पुलिस की। यही वजह है कि आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। भारत-नेपाल सीमा के समांतर बनी 27 किमी लंबी नौतनवा-ठूठीबारी मार्ग पर यातायात माह में भी सुरक्षा से जुड़े नियमों का माखौल उड़ाया जा रहा है। नियमों से बेपरवाह बस चालक व परिचालक मानक से कई गुना अधिक सवारी भरकर फर्राटे भर रहे हैं। जिसका खामियाजा यात्रियों को साल दर साल भुगतना पड़ता है। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि परिवहन निगम की बसों का संचालन न होने से निजी वाहन संचालकों ने इस मार्ग पर पूरी तरह से अपना कब्जा जमा लिया है। आश्चर्य की बात यह है कि एक तो मार्ग पर चलने वाली अधिकांश सवारी बसें काफी जर्जर व पुरानी हैं।फिर भी बसों में यात्रियों को भरने की कोई सीमा ही निश्चित नहीं है। हालत यह है कि सुरक्षित यातायात के नाम पर चलाया जा रहा प्रशासन का पूरा अभियान केवल गोष्ठियों व रैलियों के आयोजनों तक ही सिमटता नजर आ रह है। गौर करने की बात यह है कि यात्रियों से भरी ये बसें नौतनवा, परसामलिक, बरगदवा, ठूठीबारी थाना क्षेत्रों की सीमा से ही गुजरती हैं, लेकिन कभी भी इन बसों को जांच-पड़ताल के लिए रोका टोका तक नहीं जाता। स्थानीय लोगों ने वाहन स्वामियों के मनमानी की शिकायत उप संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों व पुलिस से भी की है, लेकिन साठगांठ के कारण उन पर कोई कार्रवाई तक नहीं की जाती।

पुलिस क्षेत्राधिकारी राजू कुमार साव ने कहा कि मनमाने तरीके से चल रहे वाहनों की अभियान चलाकर जांच-पड़ताल की जाएगी। इसके लिए सर्किल के सभी थानों की पुलिस को कड़े निर्देश दिए गए हैं।

Posted By: Jagran