महराजगंज: सरकारी चिकित्सा व्यवस्था का हाल किसी से छिपा नहीं है। बड़े- बड़े दावे के बाद भी मरीज दर-दर की ठोकर खाने को मजबूर हैं, लेकिन फिर भी मरीजों का समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है। बृजमनगंज के होम्योपैथिक अस्पताल का हाल बेहाल है। अस्पताल किराए के जर्जर भवन में चल रहा है। यहां कोई बोर्ड भी नहीं लगा। गन्ना समिति कार्यलय के पीछे स्थित होम्योपैथिक अस्पताल पर जाने के लिए कोई सांकेतिक भी नहीं है। जिससे मरीज को अस्पताल तक पहुंचने में समस्या का सामना करना पड़ता है। मंगलवार की दोपहर 12 बजे जागरण टीम ने होम्योपैथिक अस्पताल पर पहुंच कर पड़ताल किया तो डा. एके शर्मा अपने कमरे में बैठे मिले। वार्ड ब्वाय समीउल्लाह भी मौजूद मिले व अल्टरनेट के तौर फार्मासिस्ट दिनेश कुमार अनुपस्थित रहे। डा. एके शर्मा ने बताया कि फार्मासिस्ट की तैनाती हफ्ते में तीन- तीन दिन बृजमनगंज व फरेंदा में रहती है। परिसर के मुख्य द्वार पर बिस्तर और आस-पास गंदगी का अंबार लगा था। अस्पताल परिसर में बिजली के बोर्ड खुले मिले और फर्स भी जगह जगह टूटा था।

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