महराजगंज: परिवहन निगम की मुख्य कड़ी कहे जाने वाले चालकों की एक तरफ कमी तो दूसरी तरफ अस्वस्थ होना, अब रोडवेज को बीमार कर रहा है। पांच चालक वाहन चलाने में अनफिट हैं। वह नेत्र व अन्य बीमारियों से ग्रसित हैं। इसलिए दिल्ली सहित कई रूटों की सेवाएं प्रभावित हो गई हैं।

महराजगंज बस डिपो में कुल 52 बसें हैं। इसमें आठ बसें अनुबंधित हैं। इन बसों के संचालन के लिए 114 चालक और 114 परिचालक की आवश्यकता है। लेकिन वर्तमान में सिर्फ तैनाती 77 चालक और 79 परिचालक ही है। 37 चालकों और 35 परिचालकों का पद रिक्त है। एक तो विभाग वैसे ही चालकों, परिचालकों के अभाव में जूझ रहा हैं। उस पर चालकों का बीमार हो जाना रोडवेज के लिए मुसीबत बन गया है। महराजगंज बस डिपो के एआरएम महेंद्र पांडेय ने बताया कि चालकों के बीमार होने से कुछ रूटों की सेवाएं प्रभावित हुईं है। लेकिन यात्रियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत उन रूटों पर बसों का संचालन किया जा रहा है। बीमार चालकों को लखनऊ जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। निदेशालय से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही उनकी क्षमता के अनुसार कार्य लिया जाएगा। यह चालक हैं बीमार

चालक श्रीराम मिश्र फरवरी से, शीलचंद और विजय कुमार मार्च से, रविद्र मिश्र अप्रैल से और ज्ञानेंद्र मिश्र जून माह से अवकाश पर हैं। इनमें किसी की आखों की रोशनी धुंध पड़ गई तो कोई गंभीर बीमारी से ग्रसित है। जिसके कारण बस चलाने में सक्षम नहीं है। अवकाश समाप्त होने के बाद अब यह अवैतनिक अवकाश पर हैं। इन रूटों पर यात्रियों की बढ़ी परेशानी

महराजगंज-दिल्ली, ठूठीबारी-निचलौल-महराजगंज-गोरखपुर, सिसवा-घुघली, शिकारपुर-गोरखपुर, बांसपार ढेकही आदि रूटों की सेवाएं प्रभावित हैं। जिसके कारण यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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