महराजगंज: राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मोर्चा ने जाति आधारित जनगणना कराने सहित विभिन्न मांगों को लेकर डीएम कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। शासन-प्रशासन के विरोध में नारेबाजी की। मोर्चा ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपकर हक की आवाज बुलंद की।

मोर्चा के सदस्य राहुल शर्मा ने कहा कि भारत में ओबीसी की जनगणना या जाति आधारित जनगणना एक बार भी नहीं कराई गई। जिसका दुष्परिणाम यह हुआ कि पिछड़े वर्ग के सही आंकड़े ही नहीं आए। इस कारण ओबीसी के विकास की योजनाएं एवं शासन-प्रशासन में उनको पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने की नीतियां समुचित तरीके से नहीं बन पाई और पिछड़ा वर्ग वर्षों से अधिकार से वंचित रह गया। इसलिए जाति आधारित जनगणना कराई जाए। उन्होंने कहा कि ईवीएम के साथ वीवीपैट मशीन लगाई जाए। सभी सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों की अप्रैल 2004 से बंद पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए। मनीष कुमार, अभिषेक कुमार, अंगद कुमार, अमरजीत, शशिपाल निगम, शैलेष कुमार, शैलेंद्र कुमार भाष्कर आदि उपस्थित रहे। जिला पंचायत सदस्यों ने दी आंदोलन की चेतावनी

महराजगंज: जिला पंचायत सदस्यों ने प्रस्ताव पर विकास कार्य आवंटित करने की मांग को लेकर डीएम को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव पर कार्य आवंटित नहीं किए जा रहे हैं। मांगें नहीं पूरी होने पर उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है।

जिला पंचायत सदस्य प्रेमशंकर पांडेय, राबिया खातून, अनवर अली, सुरेश चंद साहनी व हरिनाथ ने कहा कि बैठक में कार्य कराने के लिए प्रस्ताव मांगा गया। सर्वे करके जेई ने एस्टीमेट भी बना दिया, लेकिन हम कार्यों को स्वीकृति नहीं दी गई। इससे क्षेत्र में जिला पंचायत द्वारा विकास का कोई कार्य नहीं कराया जा सका। यह अन्याय है। इस मामले की जांच कराकर सदस्यों के प्रस्ताव पर कार्य आवंटित कराया जाए। यदि मांगें नहीं मानीं गईं तो जिला पंचायत कार्यालय पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

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