हेलमेट में छिपाकर भारत से नेपाल ले जाई जा रही थी 7 लाख की नकदी, महराजगंज का युवक गिरफ्तार
भारत से नेपाल ले जाए जा रहे सात लाख भारतीय रुपये हेलमेट में छिपाकर बरामद किए गए, जिसमें एक युवक को गिरफ्तार किया गया है।

हेलमेट में रखा भारतीय नोट
HighLights
सात लाख भारतीय रुपये हेलमेट में छिपाकर ले जाए जा रहे थे।
सशस्त्र पुलिस और नेपाल पुलिस की संयुक्त टीम ने बरामद किए।
नौतनवा निवासी विशाल यादव को गिरफ्तार कर जांच जारी।
संवाद सूत्र, महराजगंज। भारत से नेपाल ले जाए जा रहे सात लाख भारतीय रुपये सशस्त्र पुलिस और नेपाल पुलिस की संयुक्त टीम ने बरामद किए। रकम बाइक सवार युवक के हेलमेट में छिपाकर ले जाई जा रही थी। पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर बरामद भारतीय मुद्रा, दो खाली चेक और मोबाइल फोन को जांच के लिए जिला प्रहरी कार्यालय, भैरहवा भेज दिया है।
सशस्त्र पुलिस डीएसपी गोपी भट्टराई के अनुसार, 19 सितंबर की शाम करीब 6:15 बजे रुपन्देही जिले के सिद्धार्थनगर नगरपालिका-1 स्थित पिपलबोट चेकपोस्ट पर भारत से नेपाल आ रही बाइक को जांच के लिए रोका गया। तलाशी के दौरान बाइक सवार नौतनवा निवासी 26 वर्षीय विशाल यादव के हेलमेट से भारतीय मुद्रा बरामद हुई।
बरामद रकम में 500 रुपये के 1,300 नोट, 200 रुपये के 200 नोट और 100 रुपये के 100 नोट शामिल हैं। इस तरह कुल सात लाख भारतीय रुपये मिले। इसके अलावा सेंट्रल बैंक आफ इंडिया के दो खाली चेक और एक मोबाइल फोन भी बरामद हुआ।
कार्रवाई सशस्त्र प्रहरी बल सीमा सुरक्षा गुल्म मुख्यालय डंडा के सशस्त्र प्रहरी नायब निरीक्षक गणेश बहादुर रोका मगर के नेतृत्व में सात जवानों तथा इलाका प्रहरी कार्यालय बेलहिया के प्रहरी नायब निरीक्षक विमल पौडेल के नेतृत्व में तीन पुलिसकर्मियों की संयुक्त टीम ने की। पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
हेलमेट के अंदर फोम हटाकर भर दी थी नोटोंं की गड्डियां
तस्करी के लिए आरोपित ने नकदी छिपाने का अनोखा तरीका अपनाया था। हेलमेट के अंदर सिर की सुरक्षा के लिए लगी ईपीएस फोम की सुरक्षात्मक परत को बीच के हिस्से से निकालकर उसकी जगह नोटों की गड्डियां भर दी थी। बाहर से देखने पर हेलमेट सामान्य नजर आए, इसके लिए किनारों पर लगा फोम यथावत रखा था।
साथ ही फोम के ऊपर लगा कपड़े का कवर फिर उसी तरह से चिपका भी दिया था, ताकि अंदर की असलियत आसानी से सामने न आए। हेलमेट के बाहरी हिस्से को भी सामान्य रखा गया था। तस्कर को उम्मीद थी, कि सुरक्षा जांच में हेलमेट की तलाशी नहीं होगी और नकदी आसानी से पार हो जाएगी।
