महराजगंज: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनांतर्गत विकास खंड मिठौरा में वित्तीय वर्ष 2019-20 में ग्राम पंचायतों में 6.17 करोड़ रुपये सामग्री के नाम पर भुगतान कर दिया गया है।

मामला संदिग्ध पाए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी ने जांच का आदेश देते हुए कमेटी गठित की है। मिठौरा विकास खंड के 87 ग्राम पंचायतों में मनरेगा से सामग्री के अंश में छह करोड़ 17 लाख 990 रुपये का भुगतान किया गया है। इसमें तीस ग्राम पंचायतों में छह लाख से करीब 28 लाख रुपये तक का भुगतान किया गया है। इन ग्राम पंचायतों में टाप फाइव ग्राम पंचायत पनेवा पनेई में 27.410 लाख रुपये, बेलावखुर्द में 26.410 लाख रुपये, करौता में 24.960 लाख रुपये, पिपरागोविदारी 20.19 लाख रुपये तथा सोहगौरा में 19.100 लाख रुपये का भुगतान किया हुआ है। मुख्य विकास अधिकारी पवन अग्रवाल ने कहा कि तीन जांच कमेटी गठित की गई है, जो जांच कर एक सप्ताह में रिपोर्ट उपलब्ध कराएगी। एक गांव का स्वंय उनके द्वारा भी जांच की जाएगी। अनियमितता मिलने पर संबंधित के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।

मनरेगा के तहत छह से 28 लाख रुपये तक के हुए भुगतान के मामले में तीस गांव की जांच नौ अधिकारियों द्वारा किया जाएगा। उपायुक्त (श्रम रोजगार), फुलदेव यादव, सहायक अभियंता, ग्राअ विभाग, सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी एवं लेखाधिकारी, बेसिक शिक्षा की टीम द्वारा पनेवा पनेई, करौता, रामपुरमीर, परसा सिहुली, सिदुरिया, औराटार, पकड़िया बुजुर्ग, सेखुई, चैनपुर एवं नरायनपुर की जांच करेगी। परियोजना निदेशक जिला ग्रावि. अभियंत्रण, सहायक (पीआइयू), लेखाकार विकास खंड निचलौल द्वारा बेलवा खुर्द, सौहगौरा, भगवानपुर, भुलना, बसंतपुर खुर्दे, हरिहरपुर, रेहाव, पचमा, ,गौनरिया राजा, टीकर, कुईया उर्फ महेशपुर एवं चौक की जांच की जाएगी। उपायुक्त (स्वत: रोजगार), सहायक अभियंता डीआरडीए, लेखाकार जिला पंचायत महराजगंज की टीम द्वारा पिपरिया गुरुगोविदराय, मधुबनी, पिपरा नरायण, दरहटा, नंदना, जमुई पंडित, मिठौरा, पड़री कला, गनेशपुर एवं बरोहिया की जांच की जाएगी।

Posted By: Jagran

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