महराजगंज: जिले में कोरोना की जांच और टीकाकरण के लिए अस्पतालों और निर्धारित केंद्रों पर लोगों की भीड़ उमड़ी रही। इस दौरान कुल 3498 युवक, महिलाएं और पुरुषों को कोरोना से बचाव का टीका लगाया गया, जबकि 2825 लोगों की जांच की गई है।

जिला महिला अस्पताल, सीएचसी सहित कुल 45 निर्धारित स्थलों पर कोरोना का टीका लगवाने और जांच के लिए शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में काफी भीड़ रही है। जिला महिला अस्पताल में युवाओं की लंबी कतार लग रही है। लेकिन कोविड नियमों का पालन होता नहीं नजर आया। नोडल अधिकारी डा. आइए अंसारी ने बताया कि 3498 लोगों को कोरोना से बचाव का टीका लगाया गया है। इसके अलावा 1358 लोगों की एंटीजन से जांच की गई है। जबकि 1457 लोगों की आरटीपीसीआर जांच के लिए नमूना मेडिकल कालेज भेजा गया है। दो मरीजों ने जीती कोरोना से जंग

महराजगंज: जिले में कोरोना को लेकर राहत भरी खबर है। दूसरी दिन भी कोई संक्रमित मरीज नहीं मिला है। जबकि दो मरीजों ने कोरोना से जंग जीत ली है। जिले में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 12380 है। इसमें 12238 मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि 136 की अब तक मृत्यु हो चुकी है। वर्तमान में सक्रिय मरीजों की संख्या घटकर चार हो गई है। प्रसव केंद्रों की खराब स्थिति पर अधीक्षक ने जताई नाराजगी

महराजगंज: बुधवार को नियमित टीकाकरण के साथ ही प्रसव केंद्रों की सीएचसी मिठौरा की दो टीमों ने जांच किया। इस दौरान सिंदुरिया, नदुआ, पीएचसी चौक एवं मोहनापुर में प्रसव की स्थिति काफी दयनीय के साथ ही गंदगी भी मिली। सीएचसी अधीक्षक ने नाराजगी जताते हुए एक सप्ताह में स्थिति में सुधार लाने हेतु संबंधित एएनएम को निर्देशित किया। सीएचसी अधीक्षक डा.विपीन कुमार शुक्ला एवं बीपीएम नवनीत उपाध्याय ने पीएचसी चौक के प्रसव केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्र पर सफाई व्यवस्था ठीक नहीं रही। प्रसव की स्थिति भी खराब मिली। एएनएम चंद्रकला देवी, किरन यादव को सफाई व्यवस्था सुधारने के साथ ही प्रसव बढ़ाने के लिए निर्देशित किया गया। नदुआ केंद्र पर भी प्रसव की स्थिति काफी खराब रही। एएनएम मंजू पटेल को चेतावनी देते हुए एक सप्ताह में सुधार लाने को कहा गया। पौष्टिक आहार का करें सेवन

महराजगंज: विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर विकास भवन सभागार में तीन दिवसीय प्रशिक्षक कार्यक्रम का समापन किया गया। इस दौरान कुपोषण में कमी, मातृ मृत्यु में कमी लाने और गर्भवती, धात्री माताओं के पोषण के लिए टिप्स दिए गए।

मुख्य विकास अधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि कुपोषण को समाप्त करने के लिए पौष्टिक आहार का सेवन करें। अधिकारी बच्चों का वजन कराएं और उन्हें समय से बाल विकास विभाग की तरफ से मिलने वाले पौष्टिक आहार उपलब्ध कराएं। इस दौरान सीडीपीओ ब्रजेश कुमार जायसवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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