यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
लखनऊ में अनैतिक कार्य में लिप्त है उज्बेकिस्तान की लोला कायूमोवा, पुलिस साथियों के साथ लोला की कर रही तलाश
Foreigner Sex Racket in Lucknow : ओमेक्स आर1 के एक निवासी ने कहा कि उनका अपार्टमेंट रात में अनैतिक गतिविधियों ...और पढ़ें

फरार उज्बेकिस्तान की लोला कायूमोवा, फरार उसकी सहयोगियों को वापस भेजा गया
जागरण संवाददाता, लखनऊ। राजधानी लखनऊ में अनैतिक काम का व्यापक विस्तार दे चुकी उज्बेकिस्तान की लोला कायूमोवा ने अपने देश का कई महिलाओं को इस धंधे में धकेला। उनके वैध कागजों वीजा एवं पासपोर्ट को अपने कब्जे में लेकर इशारों पर नचाया। आधार कार्ड और मैरिज सर्टिफिकेट की मदद से लखनऊ पुलिस को भी झांसा दिया और पॉश एरिया ओमेक्स आर1 में करीब 20 हजार रुपया महीने पर किराए पर फ्लैट लिया।
केरल के अलाप्पुझा ने त्रिजनराज ने ऑर्किड बी-104 अपार्टमेंट किराए पर लिया था, जहां पर उसके साथ दो उज्बेक महिलाएं होलिडा और निलोफर भी रहती थीं। यह मानव तस्करी और सेक्स रैकेट में शामिल थीं। इनको लोला ही भारत लाई और सरगना प्लास्टिक सर्जन डॉ. विवेक गुप्ता की मदद से चेहरे में बदलाव कराया।
लोला कायूमोवा ने ओमेक्स आर-1 आर्चिड के पते पर आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया था। दस्तावेजों में पिता का नाम जनक प्रताप सिंह लिखा है। फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में डॉ. विवेक गुप्ता ने भी उसकी मदद की। यह बात पुलिस की जांच में सामने आई है। सैक्स रैकेट से जुड़े लोला और त्रिजनराज फरार हैं, लेकिन प्लास्टिक सर्जन डा. विवेक गुप्ता लखनऊ में ही मौजूद है। डॉ. विवेक गुप्ता ही लोला के बुलावे पर आने वाली युवतियों की प्लॉस्टिक सर्जरी अपनी क्लीनिक पर करता था। वह फीस क्रिप्टो करेंसी में लेता था।
ओमेक्स आर1 के एक निवासी ने कहा कि उनका अपार्टमेंट रात की गतिविधियों का केंद्र बन गया था, जिसमें अक्सर विदेशी महिलाएं आती थीं। इन महिलाओं को स्थानीय कैब में शहर भर में घुमाया जाता था और रात में गायब हो जाती थीं। त्रिजनराज अपने को समाचार पत्र का कर्मी बताता है। पुलिस ने त्रिजनराज का का आधार कार्ड, बैंक के दस्तावेज़, पत्रकार आईडी कार्ड, उसके पिता राजन का आधार और लोला कायमोवा का पासपोर्ट और आधार कार्ड बरामद किया है।
12 दिन पहले जारी हुआ स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस
पुलिस की जांच में सामने आया कि लोला कायूमोवा का स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस 12 दिन पूर्व 11 जून 2025 को जारी किया गया था। इसका नंबर UP 32 20250015761 है। इसकी वैधता 10 जून 2035 तक हैं। एलआईयू और पुलिस टीम इसकी जांच कर रही है कि कहीं अवैध रूप से रह रहीं अन्य उज्बेकिस्तान की युवतियों के तो आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस व अन्य सरकारी दस्तावेज तो तैयार नहीं करा लिए गए हैं। अगर तैयार कराये गये हैं तो इस गिरोह को भारतीय प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने में कौन से लोग मदद कर रहे हैं। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की एक टीम आरटीओ भेजी जाएगी। जो ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की पूरी प्रक्रिया की जांच करेगी।
