विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

योगी सरकार का महिलाओं को तोहफा, प्रेरणा कैंटीन और मार्केटिंग सेंटर खोल सकेंगी; नहीं लगेगा एक भी रुपया

Published: Mon, 20 Apr 2026 08:46 AM (IST)

योगी सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए गन्ना समितियों में निःशुल्क स्थान देने का निर्णय लिया है।

गन्ना समितियों में महिलाएं निश्शुल्क प्रेरणा सेंटर खोल सकेंगी।

गन्ना समितियों में महिलाएं निश्शुल्क प्रेरणा सेंटर खोल सकेंगी।

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। योगी सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए उन्हें गन्ना समितियों में निश्शुल्क स्थान देने का निर्णय लिया है। यहां महिलाएं प्रेरणा कैंटीन खोलने के साथ ही अपने उत्पादों की बिक्री कर सकेंगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षरित किया है। स्वयं सहायता समूहों की ग्रामीण महिलाओं को समितियों के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस. ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप प्रदेश की आधी आबादी को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गन्ना समितियों में स्थान दिया जाएगा। शुरुआती दो वर्ष तक उनसे कोई किराया नहीं लिया जाएगा।

दो साल के बाद 50 प्रतिशत लगेगा किराया

दो साल की मोरेटोरियम अवधि के बाद स्वयं सहायता समूहों को सिर्फ 50 प्रतिशत किराया देना होगा, जो जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित सर्किल रेट के अनुसार तय किया जाएगा।

गन्ना आयुक्त ने बताया कि स्थान का स्वामित्व संबंधित समिति के पास ही रहेगा। स्वामित्व स्वयं सहायता समूहों या किसी अन्य संस्था को हस्तांतरित नहीं किया जाएगा। इससे सरकारी परिसंपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। स्थानीय उत्पादों को संगठित बाजार मिलेगा।

यह भी पढ़ें- लखनऊ में मैट्रिमोनियल साइट पर जीवन साथी की तलाश करना महिला अधिकारी को पड़ा भारी, झांसा देकर ठग लिए 2.77 लाख

महिलाओं को मेलों, प्रदर्शनियों और अन्य सार्वजनिक आयोजनों में भाग लेने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके उत्पादों की पहुंच बढ़ेगी। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) को योजना में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के साथ समन्वय भी किया जाएगा।