UP News: लखनऊ, राज्य ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के 9 जिलों में जहां 40 प्रतिशत से कम वर्षा हुई है, वहीं 17 जिलों में फसलों को 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ है। सूखे की मार से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए किए जा रहे उपायों के क्रम में योगी आदित्यनाथ सरकार अब किसानों को चना और मसूर के 5.25 लाख मिनी किट उपलब्ध कराएगी।

यूपी कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने शुक्रवार को विधानसभा में यह जानकारी दी। वह प्रदेश में सूखे और बारिश से किसानों और जनसामान्य को हुए नुकसान के मुद्दे पर बसपा के उमाशंकर सिंह की ओर सदन में काम रोक कर चर्चा कराने की मांग पर सरकार की ओर से जवाब दे रहे थे।

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि 22 सितंबर तक प्रदेश में 484 मिलीमीटर वर्षा हुई है जो कि सामान्य वर्षा का 67 प्रतिशत है। प्रदेश के दो जिलों में 120 प्रतिशत से अधिक, 18 जिलों में 80 से 120 प्रतिशत, 20 जिलों में 60 से 80 प्रतिशत, 26 जिलों में 40 से 60 प्रतिशत और नौ जिलों में 40 प्रतिशत से कम वर्षा हुई है। सिद्धार्थनगर, संतकबीर नगर, श्रावस्ती, मीरजापुर, गोंडा, कुशीनगर, आजमगढ़, बलिया, बहराइच, बलरामपुर, चंदौली, जौनपुर समेत प्रदेश के 17 जिलों में फसलों को 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ है।

सूखे से प्रभावित जिलों में सरकार किसानों को तोरिया के दो लाख, सरसों के तीन लाख और मंडुआ के 40 हजार मिनी किट बांट रही है। यह भी प्रयास है कि अन्य जिलों में भी मिनी किट बांटे जाएं। उन्होंने बताया कि जल्द ही सरकार उन क्षेत्रों में किसानों को चना और मसूर के 5.25 लाख मिनी किट भी वितरित करेगी, जिनमें दलहन की खेती ज्यादा होती है।

उन्होंने कहा कि सूखे की स्थिति को देखते हुए राजकीय नलकूपों पर 15 घंटे बिजली आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं। बिल बकाया रहने पर भी निजी नलकूपों का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। भू-राजस्व की वसूली पर रोक लगा दी गई है।

शाही ने बताया कि बाढ़ से प्रदेश में दो जनहानि और दो पशुहानि हुई है। बाढ़ और बारिश से प्रदेश में 152 पक्के मकानों की छत और 34 पक्के मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। 58 कच्चे मकान, 424 झोपडिय़ां और एक सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान हुआ है।

कृषि मंत्री ने बताया कि आपदा से राहत के मद में 600 करोड़ रुपये आवंटित हैं। इसमें से 104.51 करोड़ रुपये की धनराशि जिलों को भेज दी गई है। विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कार्यस्थगन प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।

Edited By: Umesh Tiwari