लखनऊ, राज्य ब्यूरो। UP Global Investors Summit 2023 दस लाख करोड़ रुपये निवेश के लक्ष्य के साथ जिस ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (Global Investors Summit) की तैयारी महीनों से चल रही है, उसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तारीखें भी तय कर दी हैं। जनवरी में प्रस्तावित रहा यह आयोजन अब राजधानी लखनऊ में अगले वर्ष 10, 11 और 12 फरवरी को होगा। तैयारियों की समीक्षा करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह समिट 'नए भारत के नए उत्तर प्रदेश' की आकांक्षाओं को उड़ान देने वाली होगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के संबंध में दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'रिफार्म, परफार्म और ट्रांसफार्म' के मंत्र को आत्मसात करते हुए उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश के 'ड्रीम डेस्टिनेशन' के रूप में उभरकर आया है। देश की छठवीं से दूसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। इन संभावनाओं को देखते हुए ही 10, 11 और 12 फरवरी, 2023 को उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की जा रही है, जिसका लक्ष्य 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाना है।

समिट बनेगा उत्तर प्रदेश की ब्रांडिंग का शानदार मंच

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह सुखद है कि समिट में कंट्री पार्टनर के रूप में अपनी सहभागिता के लिए सिंगापुर, फ्रांस, यूके और मारीशस ने स्वतः प्रस्ताव भेजा है। इसी तरह नीदरलैंड, कनाडा, यूएसए, जापान, इजरायल, स्वीडन और थाइलैंड के राजदूतों-उच्चायुक्तों से भी बात की जाए। यह भी सहभागी बन सकते हैं। समिट को प्रदेश की ब्रांडिंग का शानदार मंच बताते हुए सीएम योगी ने दुनियाभर के निवेशकों को आमंत्रित करने के लिए विभिन्न देशों में रोड शो आयोजित करने की तैयारी का निर्देश दिया। कहा कि इसमें फिक्की और सीआइआइ जैसे औद्योगिक संगठनों का भी सहयोग लेना चाहिए। इन देशों के औद्योगिक संगठनों से भी बात करें। रोड शो के लिए देशों और शहरों का चयन कर रूट तय कर लिया जाए।

डेढ़ दर्जन देशों में रोड शो की है योजना

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय रोड शो में मंत्री प्रदेश के ब्रांड एंबेसडर के रूप में जाएंगे। सुझाव दिया कि रोड शो का रूट तय करते हुए संबंधित देश से जिस सेक्टर में निवेश संभावित हो, उस सेक्टर के विशेषज्ञों को टीम में शामिल करें। मंत्रियों के नेतृत्व में जाने वाले समूह जल्द तय कर लें। इसके साथ ही दिल्ली, अहमदाबाद, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई में भी रोड शो किए जाएंगे।

इन्वेस्टर्स समिट से पहले हो जाए सभी नीतियों में सुधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि ईज आफ डूइंग बिजनेस के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश ने अपनी औद्योगिक निवेश नीतियों को व्यावहारिक बनाया है। प्रदेश हित में औद्योगिक जगत से बातचीत करते हुए नीतिगत सुधार जारी रखा जाए। नई औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति के साथ-साथ इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति, खिलौना, टेक्सटाइल, फार्मा, स्टार्टअप, डेटा सेंटर, ग्रीन हाइड्रोजन नीति सहित 30 से अधिक सेक्टोरल पालिसी को इन्वेस्टर्स समिट से पहले तैयार कर प्रस्तुत करें।

सीएम योगी ने यह भी दिए निर्देश

  • औद्योगिक इकाइयों के लिए भूमि प्राथमिक आवश्यकता है। समिट से पहले लैंडबैंक को और विस्तार देना होगा, ताकि जो भी निवेशक यहां आएं, उन्हें निवेश के लिए भूमि की कोई समस्या न हो। इस काम को शीर्ष प्राथमिकता दी जाए।
  • जीआइएस-2023 के सफल आयोजन के लिए अलग-अलग टीमें गठित की जाएं। सभी संबंधित विभाग युद्धस्तर पर तैयारी शुरू कर दें। भारत सरकार से बात करते हुए आवश्यक मार्गदर्शन लेते रहें।
  • प्रदेश में निवेश कर रहीं औद्योगिक इकाइयों के प्रोत्साहन के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा इंसेंटिव दिया जा रहा है। ऐसे सभी प्रकरणों की गहन समीक्षा कर बिना विलंब उचित समाधान किया जाए।

कार्यक्रम स्थल में भी बदलाव संभव

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए अब तक वृंदावन योजना स्थित वह मैदान प्रस्तावित था, जहां योगी सरकार ने डिफेंस एक्सपो का आयोजन किया था। सूत्रों ने बताया कि अब मुख्यमंत्री ने मेदांता अस्पताल के आसपास स्थल चिन्हित करने के लिए कहा है। संभव है कि प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल में भी परिवर्तन हो जाए।

Edited By: Umesh Tiwari

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