UP News: लखनऊ, राज्य ब्यूरो। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। अगले साल का बजट तैयार करने के लिए वित्त विभाग ने सभी विभागों से 30 नवंबर तक प्रस्ताव मांगे हैं। विभागों से यह भी कहा गया है कि नई मांगों के प्रस्ताव के लिए आखिरी तारीख का इंतजार न किया जाए। नई मांगों के प्रस्ताव जैसे-जैसे तैयार होते जाएं, उन्हें तुरंत उपलब्ध करा दिया जाए ताकि वित्त और संबंधित प्रशासनिक विभाग द्वारा उनका परीक्षण कर लिया जाए।

वित्त विभाग ने जारी किया शासनादेश  

विभागों को अगले साल के बजट प्रस्तावों को तैयार करने के बारे में वित्त विभाग ने शुक्रवार को शासनादेश जारी कर दिया है। इसमें कहा गया है कि नए निर्माण कार्यों के लिए धनराशि की बजट व्यवस्था करने पर सामान्यत: तभी विचार किया जाए जब पुराने अधूरे कार्यों के लिए बजट आवंटन सुनिश्चित हो जाए।

नई गाड़ियां खरीदने से परहेज

नई गाड़ियां खरीदने के प्रस्ताव बजट में सीधे शामिल न किए जाएं। जहां जरूरी हो, शासन की स्वीकृति प्राप्त कर अनुबंध पर गाड़ियों की व्यवस्था की जाए। सभी विभागों से विभागीय योजनाओं की समीक्षा करने और अनुपयोगी योजनाओं को समाप्त करने पर विचार करने के लिए कहा गया है।

लोगों तक लाभ पहुंचाने के लिए क्या हो रहा

स्टाफ पर लगातार बढ़ते व्यय को देखते हुए प्रशासनिक ढांचे की समीक्षा करके उसका पुनर्गठन करने की हिदायत दी गई है।  बजट प्रस्ताव तैयार करते समय प्रशासनिक विभागों से यह देखने को कहा गया है कि लाभार्थी तक अपेक्षित लाभ पहुंचाने के लिए डिलिवरी सिस्टम पर सीधा कितना खर्च किया जा रहा है और पर्यवेक्षण पर कितना व्यय हो रहा है।

विभिन्न प्रकार की सब्सिडी की होगी समीक्षा

राजस्व व्यय में मितव्ययता के लिए विभागों से विभिन्न प्रकार की सब्सिडी की समीक्षा करने के लिए कहा गया है। संविदा के आधार पर कर्मचारियों को नियुक्त करने की बजाय कार्य को ही संविदा के आधार पर कराने की अपेक्षा की गई है। केंद्रीय और वाह्य सहायतित परियोजनाओं को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।

Edited By: Umesh Tiwari

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