प्रदेश में Ola -Uber जैसी टैक्सियों पर लगेगी लगाम, सरकार से पंजीकरण और लाइसेंस लेना अनिवार्य
App Based Taxi Services in UP: महिलाओं की सुरक्षा के लिए एप में महिला चालक का विकल्प दिया जाएगा।

ओला-उबर जैसी एप आधारित टैक्सी सेवाओं
HighLights
मोटरयान समूह व वितरण सेवा प्रदाता नियमावली की अधिसूचना जारी, 30 दिन में आपत्तियां-सुझाव मांगे
पांच प्रतिशत से कम रेटिंग वाले चालकों को हर तिमाही लेना होगा प्रशिक्षण
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में बेलगाम होती जा रही ओला-उबर जैसी एप आधारित टैक्सी सेवाओं को सरकारी नियमों के दायरे में लाया जा रहा है। इनके लिए पंजीकरण व लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया है।
प्रदेश में बिना रजिस्ट्रेशन, वाहन फिटनेस, चालक के मेडिकल परीक्षण और पुलिस सत्यापन के कोई भी टैक्सी सेवा संचालित नहीं हो सकेगी। उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली-1998 में संशोधन करते हुए मोटरयान समूहक व वितरण सेवा प्रदाता नियमावली-2026 की अधिसूचना शुक्रवार को जारी कर दी गई। प्रस्तावित नियमों पर 30 दिन के भीतर आपत्तियां और सुझाव दिए जा सकेंगे।
कैबिनेट से इसको स्वीकृति मिली थी। नियम के अनुसार सेवा प्रदाताओं को सुरक्षा राशि भी जमा करनी होगी। चालकों के लिए 40 घंटे का प्रशिक्षण कार्यक्रम अनिवार्य रहेगा। इसमें एप का उपयोग, मोटरयान नियम, सड़क दुर्घटना की स्थिति में आपात सहायता, सुरक्षित ड्राइविंग, व्यवहार और मार्ग की जानकारी शामिल होगी।
जिन चालकों की रेटिंग पांच प्रतिशत से कम होगी, उन्हें हर तिमाही प्रशिक्षण लेना होगा। चालक के पास कम से कम दो वर्ष का ड्राइविंग अनुभव होना चाहिए। पिछले तीन वर्षों में किसी अपराध में दोषी नहीं होना चाहिए। पुलिस द्वारा उनका चरित्र सत्यापन किया जाएगा। चालकों के लिए कम से कम पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा और दस लाख रुपये का दुर्घटना बीमा भी अनिवार्य होगा।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए एप में महिला चालक का विकल्प दिया जाएगा। यात्री यात्रा के दौरान अपनी लाइव लोकेशन साझा कर सकेंगे और सभी वाहनों में ट्रैकिंग उपकरण सक्रिय रहेंगे। यदि चालक तय मार्ग से हटता है तो नियंत्रण कक्ष को अलर्ट जाएगा। यदि बुकिंग स्वीकार करने के बाद बिना वैध कारण के रद की जाती है तो चालक पर किराए का दस प्रतिशत या अधिकतम सौ रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और अगली बुकिंग में यात्री को किराए में रियायत दी जाएगी।
एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण कम करने के लिए नए फ्लीट में केवल सीएनजी या इलेक्ट्रिक आटो रिक्शा जोड़े जा सकेंगे। चार पहिया एलसीवी (हल्का वाणिज्यिक वाहन), एलजीवी (हल्का मालवाहक वाहन) और दोपहिया श्रेणी में पेट्रोल या डीजल से चलने वाले नए वाहन शामिल नहीं किए जाएंगे।
